ट्यूमर ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, माल्हनपार चौराहे पर चक्का जाम
राउतपार गांव की रहने वाली गीता देवी, जो सफाई कर्मचारी थीं और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुख्यलाल प्रताप की पतोहु थीं, 23 अक्टूबर 2025 को मालनपुर स्थित चंद हॉस्पिटल में ट्यूमर के इलाज के लिए भर्ती की गई थीं।
जानकारी के अनुसार, गीता देवी का ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया था।
ऑपरेशन के दौरान कथित रूप से किसी नस को नुकसान पहुँच गया, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई।
स्थिति गंभीर होती देख डॉक्टरों ने उन्हें पहले गोरखपुर रेफ़र किया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआई भेजा गया।
लखनऊ पीजीआई में कई दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गीता देवी की मृत्यु हो गई।
इस घटना के बाद परिवार और पूरे इलाके में गहरा शोक और आक्रोश है।
परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति बिगड़ने की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई और इलाज में लापरवाही बरती गई।
वर्तमान में गीता देवी की डेड बॉडी को मालनपुर चौराहे पर रखकर चक्का जाम किया गया है।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हैं और न्याय व निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मौके पर पुलिस प्रशासन भी मौजूद है, जो स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासन की ओर से बातचीत जारी है, ताकि हालात सामान्य किए जा सकें और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
यह मामला एक बार फिर चिकित्सा संस्थानों की लापरवाही और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार पूरा सच सामने आएगा, और गीता देवी को न्याय अवश्य मिलेगा।

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