बलिया में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गिरने से पिता-पुत्र की मौत, हाल ही में दरोगा बने बेटे की गई जान, लोगों ने किया हाईवे जाम
बलिया, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खेत में काम कर रहे पिता और पुत्र की 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान जनार्दन यादव और उनके बेटे राजेश यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजेश यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण की थी और उनका चयन दरोगा पद पर हुआ था। नौकरी की खुशियां अभी परिवार में पूरी तरह मन भी नहीं पाई थीं कि इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जनार्दन यादव अपने बेटे राजेश के साथ खेत में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन टूटकर खेत में गिर गई। दोनों इसकी चपेट में आ गए और तेज करंट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
इस बीच बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक केतकी सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचीं। पीड़ित परिवार की महिलाओं ने विधायक से लिपटकर अपना दुख व्यक्त किया और न्याय की मांग की। परिवार की स्थिति देखकर विधायक भी भावुक हो गईं।
मौके पर ही विधायक ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को बुलाया। उन्होंने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और नाराजगी जताते हुए एक्सईएन का हाथ पकड़कर उन्हें घटनास्थल तक ले गईं। वहां उन्होंने तत्काल संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को मौके पर बुलाने के निर्देश दिए और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली की हाईटेंशन लाइनें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर रखरखाव किया गया होता तो दो लोगों की जान बच सकती थी।
इस दर्दनाक घटना ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईटेंशन लाइनों का नियमित निरीक्षण और रखरखाव बेहद जरूरी है। समय पर खराब तारों और खंभों की मरम्मत न होने से ऐसे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। स्थानीय लोग अब दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र सहायता मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


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