अगले 2–3 घंटे बेहद अहम: दिल्ली समेत कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी-बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के कई राज्यों के लिए अगले दो से तीन घंटों के दौरान मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। विभाग की ओर से जारी नाउकास्ट चेतावनी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही 15 मिलीमीटर प्रति घंटा से अधिक की भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे मौसम में पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने, जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
रेड अलर्ट हरियाणा के फरीदाबाद, करनाल, पलवल, पंचकूला, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर जिलों के लिए जारी किया गया है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, शाहदरा, दक्षिणी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली शामिल हैं, वहां भी मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।
इसके अलावा कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटा तक मध्यम वर्षा होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, हाथरस, मथुरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली जिलों को ऑरेंज अलर्ट के दायरे में रखा गया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हरियाणा के अंबाला, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, मेवात और रोहतक में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में केरल के एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी और पापुम पारे जिलों तथा जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ में भी तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि नाउकास्ट चेतावनी बहुत कम समय के लिए जारी की जाती है और इसका उद्देश्य लोगों को मौसम के अचानक बदलते हालात से पहले सतर्क करना होता है। ऐसे मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी के दौरान वाहन चलाने वाले लोग अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि दृश्यता कम हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोक दें। किसान भी खेतों में काम करने के बजाय सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर मोबाइल फोन का उपयोग करने और धातु की वस्तुओं के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर नई चेतावनी जारी की जा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर ही रहें। बिजली चमकने या तेज हवा चलने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही किसी भी संभावित नुकसान से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।

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