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    गोरखपुर में कूटरचित दस्तावेजों से 8.25 लाख रुपये की ठगी का आरोप, गोरखनाथ पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    गोरखपुर। वाहन खरीदने के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 8.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और बाद में मारपीट व धमकी देने के मामले में गोरखनाथ थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान अकरम शाह पुत्र अख्तर अली, निवासी पुरानी बाजार तुलसीपुर, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


    पुलिस के अनुसार, यह मामला वाहन खरीदने के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता की ओर से वाहन खरीदने के संबंध में आरोपी अकरम शाह से संपर्क किया गया था। इसी दौरान अकरम शाह ने शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने साथी अष्टभुजा गिरि से कराई। आरोप है कि दोनों ने खुद को महिंद्रा फाइनेंस और चोला मंडलम से वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाला बताया और इसी आधार पर शिकायतकर्ता को वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।


    वाहन की फोटो दिखाकर 12.50 लाख रुपये में सौदा

    पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 18 मार्च 2026 को अष्टभुजा गिरि ने शिकायतकर्ता को एक चारपहिया वाहन की फोटो दिखाई। उसे बताया गया कि वाहन पहले ही खरीदा जा चुका है और राजस्थान के एक यार्ड में खड़ा है। वाहन की कीमत 12.50 लाख रुपये बताई गई।

    वाहन खरीदने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए शिकायतकर्ता ने आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में दो किस्तों में कुल 8.25 लाख रुपये भेज दिए। पुलिस के मुताबिक, शेष रकम को फाइनेंस कराने की बात कहते हुए शिकायतकर्ता से एक ब्लैंक चेक भी लिया गया।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने वाहन से संबंधित एक कथित कूटरचित रिलीज ऑर्डर उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे वाहन लेने के लिए राजस्थान भेज दिया गया।


    राजस्थान पहुंचने के बाद भी नहीं मिला वाहन

    शिकायत के अनुसार, रिलीज ऑर्डर लेकर शिकायतकर्ता राजस्थान पहुंचा और करीब चार दिन तक वाहन की तलाश करता रहा, लेकिन उसे वाहन नहीं मिला। आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद उसे वापस गोरखपुर बुला लिया गया।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, गोरखपुर लौटने के बाद भी उसे वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद उसने अपने द्वारा दिए गए 8.25 लाख रुपये वापस मांगने शुरू किए। आरोप है कि रकम वापस करने के बजाय उसे अलग-अलग तरह से टालने की कोशिश की गई।

    पुलिस मामले में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।


    रुपये मांगने पर धमकी देने का आरोप

    शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर उसे धमकाया गया। आरोप है कि उसके द्वारा दिए गए ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर उसे धोखाधड़ी के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।

    मामला तब और गंभीर हो गया जब रुपये वापस करने को लेकर दोबारा बातचीत हुई। शिकायत के मुताबिक, 5 जून 2026 को रकम लौटाने को लेकर सुलह की बात हुई थी। इसी दौरान आरोप है कि अष्टभुजा गिरि अपने दो अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट की।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद उसने पुलिस से मामले की शिकायत की।


    शिकायत के बाद गोरखनाथ पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर गोरखनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल की।

    जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी अकरम शाह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


    कूटरचित दस्तावेज के जरिए धोखाधड़ी का आरोप

    पुलिस की कार्रवाई में सामने आया मामला कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे वाहन के संबंध में एक रिलीज ऑर्डर दिया गया था, जिसके आधार पर वह राजस्थान वाहन लेने पहुंचा। हालांकि वहां वाहन उपलब्ध नहीं हुआ।

    मामले की जांच में यह महत्वपूर्ण बिंदु है कि कथित दस्तावेज किस प्रकार तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दस्तावेजों की वास्तविकता और उनकी वैधता से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जा रही है।


    8.25 लाख रुपये की रकम बनी जांच का अहम बिंदु

    इस मामले में 8.25 लाख रुपये की रकम भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वाहन खरीदने के लिए उसने दो अलग-अलग किस्तों में यह रकम आरोपियों के खातों में भेजी थी। पुलिस लेन-देन से संबंधित तथ्यों की भी जांच कर रही है।

    इसके अलावा ब्लैंक चेक लेने और उसके कथित दुरुपयोग की धमकी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या रही।


    आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अकरम शाह के खिलाफ थाना गोरखनाथ में मुकदमा अपराध संख्या 303/2026 दर्ज है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 351(3), 352, 115(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


    पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

    इस तरह के मामलों को देखते हुए वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए भी सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी वाहन की खरीद से पहले उसके स्वामित्व, फाइनेंस की स्थिति, संबंधित दस्तावेजों और वास्तविक उपलब्धता की विधिवत जांच करना महत्वपूर्ण है। केवल फोटो, कागजात या मौखिक आश्वासन के आधार पर बड़ी रकम का भुगतान करने से लोगों को बचना चाहिए।

    पुलिस की जांच में यदि दस्तावेज कूटरचित पाए जाते हैं या धोखाधड़ी के आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।


    जांच के बाद सामने आएगा पूरा मामला

    गोरखनाथ पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित वाहन सौदे में कितने लोग शामिल थे, रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और कथित कूटरचित दस्तावेज किस प्रकार तैयार किए गए।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी अकरम शाह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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