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    तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली में भगदड़, 29 लोगों की दर्दनाक मौत; बच्चे भी शामिल

    तमिलनाडु। तमिलनाडु के करूर जिले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) की एक रैली के दौरान भगदड़ मचने से हुई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एम. ए. सुब्रमणियम ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वालों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं। इस हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं और आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।



    कैसे हुई यह दुर्घटना?


    जानकारी के अनुसार, करूर में विजय की रैली में उमड़ी भारी भीड़ ही इस हादसे का मुख्य कारण बनी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रैली स्थल पर हजारों की संख्या में लोग विजय को सुनने और देखने के लिए जुटे थे। जैसे ही विजय ने अपना भाषण शुरू किया, भीड़ और अधिक उत्तेजित हो गई और आगे बढ़ने की कोशिश में लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। इस दौरान भीड़ इतनी सघन हो गई कि कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हालात इतने बिगड़ गए कि कई लोग और कार्यकर्ता बेहोश होने लगे।



    विजय ने रोका भाषण और की शांति की अपील


    मंच से ही जब विजय ने देखा कि भीड़ में हड़बड़ाहट और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है, तो उन्होंने तुरंत अपना भाषण रोक दिया। उन्होंने लोगों से शांत रहने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। हालात को नियंत्रित न होता देख उन्होंने भाषण बीच में ही छोड़कर स्थल को तुरंत छोड़ दिया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी।


    राहत और बचाव कार्य तेज


    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीमें इलाज में जुट गईं। मृतकों की पहचान का काम शुरू हो गया है। तमिलनाडु सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।


    राज्य और केंद्र सरकार ने जताया शोक


    इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने तुरंत मंत्रियों की एक टीम घटनास्थल का जायजा लेने और राहत कार्यों की निगरानी के लिए भेजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके इस घटना पर दुख जताया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।


    बड़ा सवाल: क्या थी सुरक्षा व्यवस्था?


    यह घटना एक बार फिर बड़े जनसभाओं में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होना चिंता का विषय है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पुलिस और आयोजकों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त उपाय किए थे। इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और जिम्मेदार लोगों की लापरवाही की जांच की जाएगी।


    इस त्रासदी ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। एक सामाजिक कार्यक्रम जहां उत्साह और उमंग का माहौल होना चाहिए था, वह एक शोक में बदल गया। इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में इस तरह के आयोजनों में सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

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