दिल्ली से आ रही यात्री बस की ट्रक से भीषण टक्कर, रामनगर बाईपास पर मचा हड़कंप
खोराबार की दो एंबुलेंसों ने तत्परता दिखाते हुए 6 घायलों को सुरक्षित एम्स पहुंचाया
गोरखपुर।
दिनांक 17 दिसंबर 2025 को रामनगर बाईपास मार्ग पर एक अत्यंत भीषण सड़क दुर्घटना घटित हो गई, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर की ओर आ रही एक यात्री बस ने आगे चल रहे एक ट्रक में अचानक तेज रफ्तार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
दुर्घटना के समय बस में कई यात्री सवार थे, जिनमें से 6 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कुछ देर तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यात्रियों को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं, जबकि कुछ यात्री बस के अंदर फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पुलिस प्रशासन और 108 एंबुलेंस सेवा को दुर्घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही खोराबार क्षेत्र से 108 एंबुलेंस सेवा की दो एंबुलेंसें (संख्या – यूपी 32 बीजी 8810 और यूपी 32 एफजी 1051) बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंचीं। एंबुलेंस पहुंचते ही राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया गया।
एंबुलेंस में तैनात आपातकालीन चिकित्सीय तकनीशियन श्रीलाल एवं प्रेमचंद्र ने पूरी कुशलता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए घायलों की स्थिति का आकलन किया और मौके पर ही प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई, जिसमें ऑक्सीजन सहायता, रक्तस्राव रोकने तथा घायलों की हालत स्थिर करने के सभी जरूरी उपाय शामिल थे। समय पर दिए गए उपचार से घायलों की स्थिति में सुधार हुआ।
इसके पश्चात सभी घायलों को सुरक्षित रूप से एंबुलेंस में स्थानांतरित किया गया। वहीं एंबुलेंस चालक वीरेंद्र एवं मुकेश ने अत्यंत सतर्कता, जिम्मेदारी और सुरक्षित वाहन संचालन का परिचय देते हुए सभी घायलों को कम समय में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर पहुंचाया।
समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण सभी घायल यात्रियों को तत्काल उपचार मिल सका। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
इस भीषण सड़क हादसे ने जहां एक ओर यातायात सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई, आपातकालीन चिकित्सीय तकनीशियनों की दक्षता तथा एंबुलेंस चालकों की जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आपातकालीन सेवाएं संकट की घड़ी में कितनी महत्वपूर्ण होती हैं।
यदि एंबुलेंस सेवा समय पर मौके पर नहीं पहुंचती, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। 108 एंबुलेंस सेवा की इस सराहनीय कार्यप्रणाली से कई कीमती जिंदगियों को बचाया जा सका। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और आमजन द्वारा आपातकालीन सेवाओं के कार्य की सराहना की जा रही है।


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