सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव में मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का किया गया प्रदर्शन
गोरखपुर। आपदा के समय बचाव कार्यों में तेजी और बेहतर तालमेल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को द्वारका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
इस ड्रिल में एसडीआरएफ, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और विकास विभाग की टीमें एक साथ शामिल हुईं। इस मौके पर अधिकारियों और कर्मियों ने मौके पर पहुँचकर आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक अभ्यास किया।
ड्रिल के दौरान अचानक आपदा आने की स्थिति तैयार की गई और विभिन्न विभागों की टीमों ने राहत कार्यों का प्रदर्शन किया। इसमें आग लगने पर बचाव कार्य, घायल को प्राथमिक उपचार देना, मलबे में फंसे लोगों को निकालने, पानी और ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति से निपटने और स्थानीय जनता को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने का अभ्यास किया गया।
इस अवसर पर एसडीआरएफ टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर नीतिश कुमार ने किया। फायर सर्विस विभाग से राम अवध की अगुवाई में टीम ने आग पर काबू पाने और सुरक्षित निकासी का तरीका बताया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव से डॉ. के. एम. अग्रवाल ने घायलों को प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी।
पुलिस विभाग की ओर से पुलिस उपाधीक्षक अनुज सिंह मौजूद रहे जिन्होंने कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका पर प्रकाश डाला। आपदा प्रबंधन विभाग से चंद्र राय और अंगद ने राहत कार्यों में भागीदारी की, वहीं आपदा सखी ज्ञानती और कांति ने महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकालने एवं राहत सामग्री वितरण की प्रक्रिया बताई।
राजस्व विभाग की ओर से प्रदीप कुमार सिंह, एसडीएम बांसगांव ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया और कहा कि इस तरह के आयोजन से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। वहीं विकास विभाग का प्रतिनिधित्व राहुल कुमार मिश्रा, एडीओ आईएसबी ने किया।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि आपदा कभी भी और कहीं भी आ सकती है। ऐसे में जनता को सतर्क और जागरूक रहना चाहिए। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी आपदा के समय विभागीय टीमों के बीच तालमेल बना रहे और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुँचे।
स्थानीय लोगों ने भी इस ड्रिल को करीब से देखा और आपदा की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के उपाय सीखे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन को लेकर उपयोगी सुझाव दिए और जनता से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि प्रशासन और संबंधित विभागों के दिशा-निर्देशों का पालन करें।



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