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    छुट्टी पर घर लौट रहे सिपाही की दर्दनाक मौत से गांव में पसरा मातम

    ट्रेन से उतरते वक्त फिसले सिपाही आनंद कुमार, मौके पर ही तोड़ा दम

    मानीराम रेलवे स्टेशन पर हुआ हादसा, सिद्धार्थनगर में तैनात थे यूपी पुलिस के जांबाज़ सिपाही


    गोरखपुर। बुधवार की सुबह गोरखपुर जनपद के मानीराम रेलवे स्टेशन पर एक हृदयविदारक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात सिपाही आनंद कुमार छुट्टी पर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन मंज़िल पर पहुंचने से पहले ही उनकी ज़िंदगी का सफर दर्दनाक ढंग से खत्म हो गया। ट्रेन से उतरते समय उनका पैर फिसल गया, जिससे वे पटरी पर गिर पड़े और ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।



    मृतक की पहचान ग्राम बिशुनपुर, टोला बरगदही, पोस्ट मानीराम, ब्लॉक चारगांवा, जिला गोरखपुर निवासी आनंद कुमार (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वे उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में बतौर सिपाही जनपद सिद्धार्थनगर में तैनात थे। बताया जा रहा है कि आनंद कुमार ड्यूटी से छुट्टी लेकर अपने घर आ रहे थे और ट्रेन से उतरते समय यह दर्दनाक हादसा घट गया।


    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस ट्रेन से सिपाही आनंद कुमार आए थे, वह मानीराम स्टेशन पर कुछ देर के लिए रुकी थी। ट्रेन के रुकने पर वे जल्दी में उतरने लगे, इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे संतुलन खो बैठे। दुर्भाग्यवश, उसी समय ट्रेन अचानक चल पड़ी और वे नीचे पटरी पर गिर पड़े। देखते ही देखते ट्रेन का एक हिस्सा उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनका शरीर कमर के नीचे से कट गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


    घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत जीआरपी और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना पर जीआरपी गोरखपुर और मानीराम थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है और विधिक कार्यवाही पूरी की जा रही है।


    हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार और गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग सिपाही आनंद कुमार को एक ईमानदार, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ युवक के रूप में जानते थे। हर किसी की आंखों में आंसू हैं और माहौल गमगीन है।


    ग्रामीणों ने बताया कि आनंद कुमार हमेशा से अपने काम के प्रति समर्पित और परिवार के प्रति जिम्मेदार रहे हैं। वे पुलिस सेवा में रहते हुए भी जब भी घर आते थे, तो गांव के बच्चों और युवाओं को प्रेरित करते थे कि मेहनत और ईमानदारी से देश की सेवा करें। उनका यूं अचानक चले जाना पूरे इलाके के लिए गहरा आघात है।


    ग्राम प्रधान और स्थानीय लोगों ने शासन से मांग की है कि परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मदद प्रदान की जाए, ताकि परिजनों को सहारा मिल सके। पुलिस विभाग में भी उनके सहकर्मियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।


    सिद्धार्थनगर पुलिस लाइन में उनके साथियों ने बताया कि आनंद कुमार अपनी जिम्मेदारी और व्यवहार के कारण सभी के प्रिय थे। वे शांत स्वभाव के, अनुशासित और हमेशा मदद के लिए आगे रहने वाले व्यक्ति थे।


    इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में गम का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इसे नियति का क्रूर खेल बताते हुए कह रहे हैं कि छुट्टी पर अपने घर लौट रहे सिपाही को शायद खुद भी अंदाज़ा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

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