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    AIIMS गोरखपुर की ‘मेध्यावृद्धि’ पहल से सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती

    गोरखपुर।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर द्वारा संचालित ‘मेध्यावृद्धि’ (MedhyaVridhi) सामुदायिक सद्भाव कार्यक्रम का विस्तार करते हुए अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (HWCs) को शामिल किया गया है। इस पहल के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन हरसेवकपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर, चरगावां सहित चरगावां एवं भटहट ब्लॉक के कुल सात आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में किया गया।



    कार्यक्रम के अंतर्गत डीन (रिसर्च) एवं विभागाध्यक्ष, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग द्वारा हरसेवकपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संज्ञानात्मक क्षीणता (Cognitive Impairment) के जोखिम वाले प्रतिभागियों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य एवं वेलनेस गतिविधियों का शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन को केंद्र में रखते हुए विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।



    कार्यक्रम में मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग, योग एवं निर्देशित शारीरिक गतिविधियाँ, संतुलित आहार एवं जीवनशैली पर परामर्श, आवश्यक विटामिन अनुपूरण, संज्ञानात्मक खेल, समूह सहभागिता गतिविधियाँ तथा स्वस्थ वृद्धावस्था और संज्ञानात्मक गिरावट की रोकथाम से संबंधित स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य बुजुर्गों एवं जोखिमग्रस्त व्यक्तियों को समय रहते पहचान कर बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।


    AIIMS गोरखपुर द्वारा सेवा भाव और कर्मयोगी सार्वजनिक सेवा के मूल्यों के अनुरूप सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए जरूरतमंदों के लिए शीतकालीन कंबलों का वितरण भी किया गया। ‘मेध्यावृद्धि’ टीम द्वारा अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों के बीच कुल 214 कंबलों का वितरण किया गया, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।


    इस अवसर पर डीन (रिसर्च) एवं विभागाध्यक्ष, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग ने कहा कि मेध्यावृद्धि कार्यक्रम के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में स्क्रीनिंग, वेलनेस और संज्ञानात्मक स्वास्थ्य को एकीकृत कर विशेष रूप से बुजुर्गों तक निवारक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं।


    डॉ. आनंद मोहन दीक्षित ने बताया कि संज्ञानात्मक जोखिम की शीघ्र पहचान, जीवनशैली में सुधार और पोषण संबंधी हस्तक्षेप समुदाय में स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


    वहीं डॉ. यू. वेंकटेश ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स के माध्यम से योग, शारीरिक गतिविधि, परामर्श एवं संज्ञानात्मक सहभागिता जैसी गतिविधियाँ समुदाय को दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण बनाए रखने के लिए सशक्त बनाती हैं।

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