हृदय-स्वास्थ्य की शीतकालीन देखभाल योजना: ठंड में हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को विशेष सतर्कता जरूरी
सर्दियों का मौसम जहां आम लोगों के लिए आरामदायक माना जाता है, वहीं हृदय रोगियों और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) से पीड़ित लोगों के लिए यह समय अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के संपर्क में आने पर शरीर अपनी गर्मी बनाए रखने के लिए रक्त-वाहिकाओं (धमनियों) को सिकोड़ देता है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में वासोकंस्ट्रिक्शन कहा जाता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और कुछ स्थितियों में खून का थक्का बनने का खतरा भी बढ़ जाता है।
किन लोगों में खतरा अधिक?
डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में हृदय संबंधी जटिलताओं का जोखिम खासतौर पर इन लोगों में अधिक होता है—
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति
उच्च रक्तचाप, मधुमेह या किडनी रोग से ग्रसित मरीज
जिन्हें पहले हार्ट अटैक, एंजाइना, स्टेंट या बायपास सर्जरी हो चुकी हो
हार्ट फेल्योर या धड़कन की गड़बड़ी (जैसे एट्रियल फिब्रिलेशन) वाले रोगी
जो ठंडे घरों में रहते हैं या दवाएं नियमित नहीं लेते
सर्दियों में दिल को सुरक्षित रखने के 10 अहम उपाय
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ आसान लेकिन प्रभावी कदम अपनाकर सर्दियों में दिल को सुरक्षित रखा जा सकता है। सबसे पहले खुद को गर्म रखना बेहद जरूरी है। परतों में कपड़े पहनें, सिर, कान और हाथ-पैर ढककर रखें। बाहर जाते समय स्कार्फ या मास्क से मुंह ढकना ठंडी हवा के झटके को कम करता है।
सुबह बहुत जल्दी या देर रात की कड़ाके की ठंड में बाहर निकलने से बचें और भारी शारीरिक श्रम अचानक न करें। ठंड में अचानक मेहनत करने से ब्लड प्रेशर और दिल की ऑक्सीजन जरूरत तेजी से बढ़ सकती है।
सर्दियों में घर पर नियमित ब्लड प्रेशर की जांच करना एक अच्छी आदत है। यदि लगातार रीडिंग बढ़ी हुई मिले तो डॉक्टर से परामर्श लें। दवाएं समय पर लें और बिना सलाह के सर्दी-जुकाम की ओवर-द-काउंटर दवाएं न लें, क्योंकि कुछ दवाएं ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं।
खानपान और व्यायाम की भूमिका
डाइट में नमक कम रखें। अचार, नमकीन, पैकेट फूड और प्रोसेस्ड भोजन से दूरी बनाएं। सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और हल्का भोजन दिल के लिए फायदेमंद है। सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन पर्याप्त पानी पीना जरूरी है—हालांकि हार्ट फेल्योर या किडनी रोगियों को तरल सेवन डॉक्टर की सलाह अनुसार करना चाहिए।
बाहर की ठंड से बचते हुए इनडोर व्यायाम जैसे हल्की वॉक, योग और स्ट्रेचिंग जारी रखें। व्यायाम से पहले वार्म-अप जरूर करें।
सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा
चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि ठंड से ब्लड प्रेशर और तनाव हार्मोन बढ़ते हैं। यदि सीने में दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, जबड़े या बाएं हाथ में दर्द, अचानक चक्कर जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता, नियमित दवा, सही जीवनशैली और समय पर जांच सर्दियों में हृदय को स्वस्थ रखने की सबसे बड़ी कुंजी है।



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