भक्त प्रह्लाद की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रवाना की भव्य शोभायात्रा
पाण्डेयहाता की ऐतिहासिक होलिका दहन परम्परा के शताब्दी वर्ष पर फूलों की होली, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
गोरखपुर। आस्था, परंपरा और उल्लास के अद्भुत संगम के बीच पाण्डेयहाता में आयोजित पारंपरिक नरसिंह शोभायात्रा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भक्त प्रह्लाद की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर किया। शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रही इस ऐतिहासिक होलिका दहन परंपरा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली खेलकर उत्सव का आनंद साझा किया।
पाण्डेयहाता स्थित श्री श्री होलिका दहन उत्सव समिति द्वारा वर्ष 1927 से निरंतर आयोजित की जा रही यह परंपरा गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस वर्ष आयोजन के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सजावट, भव्य मंच व्यवस्था और पारंपरिक झांकियों की प्रस्तुति की गई। शोभायात्रा में भगवान नरसिंह, भक्त प्रह्लाद एवं अन्य पौराणिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पाण्डेयहाता की यह परंपरा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने समिति को शताब्दी वर्ष की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का पर्व प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
कार्यक्रम स्थल पर फूलों की होली ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ फूल बरसाकर उत्सव में सहभागिता की। इस दौरान “नरसिंह भगवान की जय” और “भक्त प्रह्लाद अमर रहें” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शोभायात्रा में भाग लिया।
शोभायात्रा पाण्डेयहाता से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भी जगह-जगह जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। आयोजन स्थल और शोभायात्रा मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखी गई। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया।
इस अवसर पर एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, एसपी सिटी दिनेश गोदारा, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, सांसद रवि किशन, विधायक विपिन सिंह, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता तथा होलिका दहन समिति के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
शताब्दी वर्ष के इस आयोजन ने गोरखपुर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को एक बार फिर जीवंत कर दिया। श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर यह शोभायात्रा शहरवासियों के लिए अविस्मरणीय बन गई। परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के समन्वय के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा।


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