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    होली की खुशियां मातम में बदलीं: खजनी के धाधुपार टोला डड़वा में पति ने पत्नी की हत्या की

    होली के उल्लास और रंगों के बीच एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खजनी थाना क्षेत्र के ग्राम धाधुपार टोला डड़वा में घरेलू विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक पति ने अपनी ही पत्नी की जान ले ली। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है और होली की खुशियां मातम में बदल गई हैं।

    मृतिका की फाइल फोटो 

    मृतका की पहचान नीलम के रूप में हुई है, जिनकी शादी कुछ वर्ष पहले अशोक निषाद से हुई थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से गृह कलह चल रहा था। होली के दिन मामूली कहासुनी ने अचानक उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि अशोक निषाद ने आपा खो दिया और पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण नीलम की मौके पर ही मौत हो गई।


    घटना की जानकारी बेहद मार्मिक तरीके से सामने आई। बताया गया कि अशोक निषाद के पिता को उनके नाती ने फोन कर बताया कि “पापा ने मम्मी की हत्या कर दी है।” इस सूचना के बाद परिवार और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। गांव में देखते ही देखते भीड़ जुट गई और सूचना पुलिस को दी गई।


    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। घटना के बाद से आरोपी पति अशोक निषाद फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


    इस हृदयविदारक घटना का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ा है। मृतका की बेटी सृष्टि निषाद (14 वर्ष) और बेटा सूरज निषाद (16 वर्ष) इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं। जिन बच्चों के लिए होली खुशियों और रंगों का त्योहार होता है, उनके लिए यह दिन जिंदगी भर का दर्द बन गया। परिवार के अन्य सदस्य भी शोक में डूबे हैं और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है।


    स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अक्सर शराब के सेवन और पुराने तनाव के कारण विवाद बढ़ जाते हैं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते आपसी बातचीत या परिवार के बुजुर्गों के हस्तक्षेप से मामला सुलझा लिया जाता, तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी। वहीं कुछ समाजसेवियों ने इसे पारिवारिक संवाद की कमी और बढ़ते आक्रोश का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि छोटे-छोटे विवाद जब दबे रहते हैं तो एक दिन विस्फोटक रूप ले लेते हैं।


    गांव के लोगों के अनुसार, नीलम मिलनसार स्वभाव की थीं और बच्चों की परवरिश में पूरी तरह समर्पित रहती थीं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। त्योहार के दिन हुई इस वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर रंग और गुलाल उड़ रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक परिवार हमेशा के लिए बिखर गया।


    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना के कारणों और हमले की प्रकृति को लेकर और स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।


    यह घटना समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है—क्या घरेलू विवादों को समय रहते सुलझाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए? क्या परिवार और समाज मिलकर ऐसे तनावपूर्ण हालात को संभालने में अधिक सक्रिय भूमिका नहीं निभा सकते? होली जैसे पर्व, जो प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं, उसी दिन इस तरह की घटना होना अत्यंत दुखद है।


    फिलहाल पूरा क्षेत्र शोक में डूबा है। पुलिस जांच जारी है और ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। एक छोटी सी कहासुनी ने एक महिला की जान ले ली और दो बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया। रंगों का त्योहार इस गांव के लिए हमेशा के लिए काले साये की याद बन गया है।

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