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    आगरा में दरोगा पर पत्नी को जहर देने का आरोप, दहेज उत्पीड़न का मामला गरमाया

    आगरा (उत्तर प्रदेश): जनपद के न्यू आगरा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक दरोगा पर अपनी ही पत्नी को जहर देने का गंभीर आरोप लगा है। घटना के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे अस्पताल पहुंचाया। बाद में मायके पक्ष के लोग उसे बेहतर इलाज के लिए मथुरा ले गए, जहां से चिकित्सकों ने उसे गंभीर स्थिति में एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के लिए रेफर कर दिया।


    मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब पीड़िता ने होश में आने के बाद अपने पति पर लगातार दहेज उत्पीड़न और जानलेवा हमले का आरोप लगाया। महिला के मुताबिक शादी के बाद से ही उसका पति उस पर फ्लैट और फॉर्च्यूनर गाड़ी लाने का दबाव बना रहा था। मांग पूरी न होने पर उसके साथ आए दिन मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।


    पीड़िता ने आरोप लगाया कि रविवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उसके पति ने कथित रूप से उसे जबरन जहर पिला दिया। जहर के असर से उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया और उसकी जान बचाने का प्रयास किया।


    घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और महिला को अपने साथ मथुरा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वर्तमान में महिला का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है।


    इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले भी पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि आरोपी स्वयं पुलिस विभाग में होने के कारण उसे संरक्षण मिलता रहा, जिससे पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका।


    परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर संज्ञान लिया गया होता, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


    वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह विभाग का ही क्यों न हो।


    महिला सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को लेकर यह घटना एक बार फिर कई सवाल खड़े करती है। खासतौर पर तब, जब आरोप किसी कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारी पर ही लगे हों। इससे आम जनता के बीच भरोसे को लेकर भी चिंता बढ़ती है।


    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जा सके।


    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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