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    कोचिंग के नाम पर ‘दो-दो स्कूल’ का खेल! हाटा क्षेत्र में छापेमारी के बाद खुली बड़ी सच्चाई, कई संस्थान जांच के दायरे में

    गोरखपुर। जिले के गगहा विकास खंड के हाटा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉ प्रदीप शर्मा की अगुवाई में हुई छापेमारी के दौरान कई कोचिंग संस्थानों की वास्तविकता उजागर हुई है। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    एक्सेल क्लासेज के बाद सीकास्ट ट्यूटोरियल भी घेरे में

    सूत्रों के अनुसार, पहले “एक्सेल क्लासेज” नामक संस्थान पर कार्रवाई की गई, जहां कोचिंग के नाम पर कक्षा छह से बारह तक की पढ़ाई स्कूल की तरह कराई जा रही थी। यह न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है।

    अब इसी कड़ी में “सीकास्ट ट्यूटोरियल” नामक एक अन्य संस्थान भी जांच के घेरे में आ गया है। यहां भी कक्षा नौ से बारह तक की पढ़ाई संचालित होने की जानकारी सामने आई है।


    बिना योग्य शिक्षकों के चल रही पढ़ाई

    जांच के दौरान सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि इन संस्थानों में पढ़ाने वाले कई शिक्षक आवश्यक शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं करते। कई मामलों में डिग्रीधारी शिक्षक भी उपलब्ध नहीं पाए गए। यह स्थिति बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ मानी जा रही है।


    नियम-कानून की अनदेखी

    निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि कई कोचिंग संस्थान बिना उचित मान्यता और स्पष्ट पंजीकरण के ही संचालित हो रहे हैं। न तो आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं और न ही निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। इसके बावजूद इन स्थानों पर स्कूल जैसी व्यवस्था चलाई जा रही है, जो पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है।


    संरक्षण को लेकर उठे सवाल

    इस पूरे मामले के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिर इन संस्थानों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो इतने लंबे समय से खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो बच्चों के साथ हो रहे इस प्रकार के प्रयोग को रोका जा सकता था।


    बीईओ ने जताई सख्ती

    खंड शिक्षा अधिकारी Dr. Pradeep Sharma ने निरीक्षण के दौरान गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित संस्थानों को तत्काल अपनी व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


    क्षेत्र में मचा हड़कंप

    छापेमारी की खबर फैलते ही पूरे हाटा क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। कई कोचिंग संस्थान अब जांच के डर से अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। कुछ स्थानों पर अचानक कक्षाएं बंद करने की भी खबरें सामने आई हैं।


    अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    इस घटना के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए इन संस्थानों में भेजते हैं, लेकिन यदि वहां योग्य शिक्षक ही नहीं हैं और नियमों का पालन नहीं हो रहा है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।


    शिक्षा विभाग पर बढ़ा दबाव

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग पर भी सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। लोगों की मांग है कि ऐसे संस्थानों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।


    क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह मामला केवल चेतावनी तक सीमित रहेगा या फिर संबंधित संस्थानों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस प्रकार की गतिविधियां शिक्षा व्यवस्था को और कमजोर कर सकती हैं।

    गोरखपुर के हाटा क्षेत्र में सामने आया यह मामला शिक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर करता है। कोचिंग संस्थानों के नाम पर चल रहे इस “दो-दो स्कूल” के खेल को रोकना बेहद जरूरी है। यदि प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर सख्ती से कार्रवाई करते हैं, तो ही छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

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