बड़हलगंज में भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई हनुमान जयंती:
प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
नगर के विभिन्न ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में विशेष श्रृंगार और अनुष्ठान आयोजित किए गए:
विचित्र हनुमान मंदिर (बाछेपार): यहाँ बजरंगबली का भव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने सिंदूर अर्पण और सुंदरकांड के पाठ के साथ लोक कल्याण की कामना की।
पुरानी हनुमानगढ़ी: नगर की आस्था के केंद्र पुरानी हनुमानगढ़ी में विशेष आरती का आयोजन हुआ, जहाँ भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
डीह बाबा मंदिर व चरण पादुका: इन स्थानों पर भी उत्सव का माहौल रहा। चरण पादुका स्थल पर भक्तों ने मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
भैसौली अखाड़ा व तिवारीपुर: अखाड़े के युवाओं ने पारंपरिक शस्त्र कला का प्रदर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में क्षेत्र के राजनैतिक और सामाजिक दिग्गजों ने शिरकत की। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री राजीव पांडे ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर हनुमान जी की आरती की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
उनके साथ अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री महेश उमर, गोविंद यादव, साजन सोनकर (एडवोकेट), धनंजय यादव, और धर्मेंद्र यादव जैसे प्रबुद्ध जन मौजूद रहे। अन्य उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में संतोष मोदनवाल, सुनील जायसवाल, हरपाल दास नवानी, रामायण यादव, लाल मुनी सोनकर, और सभासद दीपक गौड़ ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
सुरक्षा और उत्साह का संगम
नगर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। शोभायात्रा के दौरान बबलू राय, आशीष मोदनवाल, देवेश सिंह, सोनू वर्मा, संजय मद्धेशिया, अजीत राव, धीरेंद्र तिवारी, कैप्टन आरबी यादव, अभिषेक चतुर्वेदी, गुलशन यादव और विनय तिवारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ जुलूस निकाला।
"हनुमान जी का जीवन हमें सेवा, भक्ति और शक्ति का संतुलन सिखाता है। आज का यह जनसैलाब हमारी सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।"
— राजीव पांडे, वरिष्ठ भाजपा नेता
भंडारे और प्रसाद वितरण
दिन भर चले अनुष्ठानों के बाद जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। शरबत और फल वितरण के स्टॉल भी विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा लगाए गए थे। रात्रि में भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने हनुमान जी के भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बड़हलगंज के इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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