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    संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा का बड़हलगंज में भव्य स्वागत, शिक्षा सुधार पर हुआ मंथन

    बड़हलगंज (गोरखपुर)। क्षेत्र के सिधुआपार स्थित सेंट जेवियर प्ले स्कूल, गुरुकुल भवन में उस समय उत्साह और सम्मान का माहौल देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश के संयुक्त सचिव (बेसिक शिक्षा) वेद प्रकाश राय का आगमन हुआ। वित्त विहीन प्रबंधक फाउंडेशन (पंजीकृत) द्वारा आयोजित इस भव्य अभिनंदन समारोह में क्षेत्र के शिक्षाविदों, प्रबंधकों और गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन संघ के संरक्षक डॉ. बिपिन शाही के नेतृत्व में किया गया, जिन्होंने अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया।


    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत के साथ हुई, जिसमें अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उपस्थित लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सुधार की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


    अपने संबोधन में संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय ने प्रदेश में चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रमुख लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए प्रदेश भर में विशेष नामांकन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।


    उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और आधुनिक सुविधाओं का होना आवश्यक है।


    कार्यक्रम में वित्त विहीन विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के संस्थापक जय प्रकाश मिश्र ने अपने वक्तव्य में जूनियर स्तर तक के विद्यालयों के संचालन में आ रही कठिनाइयों को संयुक्त सचिव के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों को एक वर्ष की अस्थायी मान्यता दी जाती है, जिससे प्रबंधन को कई प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए स्थायी मान्यता प्रदान की जाए।


    इसके साथ ही उन्होंने मानकों के सरलीकरण और यू-डायस पोर्टल पर विद्यालयों के अधिकारों को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान दिया जाए, तो वित्त विहीन विद्यालयों की स्थिति में काफी सुधार हो सकता है और वे बेहतर तरीके से छात्रों को शिक्षा प्रदान कर सकेंगे।


    कार्यक्रम के दौरान डॉ. बिपिन शाही ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और समर्पण की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।


    कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष मनोज यादव द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और प्रभावशाली ढंग से संचालित करते हुए सभी वक्ताओं को अपने विचार रखने का अवसर प्रदान किया।


    इस अवसर पर शैलेंद्र शर्मा, राजेश सिंह, सुनील सिंह, सर्वेंद्र दुबे, विजय गौड़, नागेंद्र शाही, रवि शंकर मिश्रा, सतीश शाही, कप्तान सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा सेंट जेवियर पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल आशुतोष सोनी, शिक्षिका अनुष्का सुब्बा, स्निता सुब्बा, कुमकुम शालिनी, कमलेश मिश्रा और हिमांशु त्रिपाठी समेत सैकड़ों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।


    समारोह के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और यह आशा जताई गई कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित होते रहेंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।


    यह कार्यक्रम न केवल स्वागत समारोह था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ, जहां प्रशासन और शिक्षकों के बीच सार्थक चर्चा देखने को मिली।

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