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    बांसगांव में अंडरग्राउंड पुलिया को लेकर ग्रामीणों का हल्ला बोल, 100 गांवों के रास्ते का मुद्दा गरमाया

    गोरखपुर, बांसगांव। बांसगांव तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा बेदौली बाबू में अंडरग्राउंड पुलिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। मुख्य मार्ग पर रेलवे ट्रैक निर्माण और उससे जुड़े अंडरपास (अंडरग्राउंड पुलिया) के मुद्दे पर सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लगभग 100 गांवों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, ऐसे में यदि उचित अंडरग्राउंड पुलिया नहीं बनाई गई तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा।


    ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर रेलवे ट्रैक डाला जा रहा है, वहां पहले से ही एक व्यस्त सड़क मार्ग मौजूद है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग, किसान, छात्र और व्यापारी गुजरते हैं। ऐसे में यदि रेलवे लाइन के नीचे पर्याप्त चौड़ाई और ऊंचाई वाली अंडरग्राउंड पुलिया का निर्माण नहीं किया गया, तो लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।

    प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिया निर्माण के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण तय सीमा से अधिक किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन द्वारा केवल 10 डिसमिल जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन मौके पर उससे अधिक भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बिना उचित मुआवजा और सहमति के अतिरिक्त जमीन लेना पूरी तरह गलत है।


    इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम सभा बेदौली बाबू के प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह ने किया। उनके नेतृत्व में आसपास की कई ग्राम सभाओं के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और अपनी आवाज बुलंद की। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


    विकास सिंह ने कहा, “यह सड़क हमारे क्षेत्र की लाइफलाइन है। करीब 100 गांव इस रास्ते से जुड़े हैं। अगर यहां उचित अंडरपास नहीं बना, तो लोगों को कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की भारी बर्बादी होगी। हम चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द हमारी समस्या को गंभीरता से ले और समाधान निकाले।”


    वहीं, ग्राम सभा के प्रधान मनोज कुमार भी इस प्रदर्शन में मौजूद रहे और उन्होंने भी ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है और प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।


    मौके पर मौजूद स्थानीय ठेकेदार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल प्रशासन और रेलवे विभाग के निर्देशों के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। ठेकेदार ने कहा, “हमें जैसा आदेश मिलता है, हम वैसा ही काम करते हैं। यदि प्रशासन कोई बदलाव करता है, तो हम उसी के अनुसार निर्माण कार्य करेंगे।”


    रेलवे के ठेकेदार ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि परियोजना पूरी तरह से सरकारी निर्देशों के अनुरूप चल रही है और किसी भी प्रकार के बदलाव का निर्णय उच्च स्तर पर ही लिया जाएगा।


    प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने यह भी ऐलान किया कि वे अपनी मांगों को लेकर जल्द ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और जरूरत पड़ने पर सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे।


    ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक गांव का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और सुविधाओं से जुड़ा मामला है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा।


    फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है, उसे देखते हुए जल्द ही कोई न कोई समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    बिदौली बाबू में अंडरग्राउंड पुलिया को लेकर उठा यह विवाद अब बड़े जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि उन्हें उचित मार्ग सुविधा मिले और उनकी जमीन का सही तरीके से मुआवजा दिया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।

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