बरेली में नाबालिग छात्रा को लेकर हंगामा, युवक हिरासत में
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में कथित “लव जिहाद” से जुड़े एक मामले को लेकर तनाव का माहौल बन गया। आरोप है कि बिरयानी विक्रेता मुजाहिद ने आईटीआई की नाबालिग छात्रा को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसे अपने साथ लेकर एक होटल में पहुंच गया। मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
छात्रा के लापता होने के बाद बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, छात्रा बरेली के एक इलाके की रहने वाली है और आईटीआई में पढ़ाई कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से युवक छात्रा के संपर्क में था। परिवार का कहना है कि छात्रा के व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा था, जिससे उन्हें चिंता होने लगी थी।
बताया जा रहा है कि छात्रा अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में सूचना मिली कि छात्रा एक युवक के साथ शहर के एक होटल में मौजूद है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुए हिंदू संगठन
मामले की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता होटल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठनों ने आरोप लगाया कि नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। होटल के बाहर कुछ देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला और युवक मुजाहिद को हिरासत में ले लिया।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। छात्रा के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशीलता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। पुलिस और प्रशासन को तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।

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