गुजरात में ट्रेन से गिरकर गोरखपुर के युवक की मौत, इकलौते बेटे को खोकर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गोरखपुर के गजपुर गांव में पसरा मातम, अगले साल होनी थी शादी
गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र स्थित गजपुर गांव में उस समय मातम छा गया, जब गुजरात से एक दर्दनाक खबर गांव पहुंची। गांव के रहने वाले 25 वर्षीय युवक अभिषेक त्रिपाठी की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया। इकलौते बेटे की असमय मौत से माता-पिता बदहवास हैं और घर में चीख-पुकार मची हुई है।
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| मृतक अभिषेक |
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अभिषेक त्रिपाठी पुत्र संतोष त्रिपाठी गुजरात की एक निजी कंपनी में प्रोसेस इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। अभिषेक अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र था और नौकरी के माध्यम से घर की जिम्मेदारियों को संभाल रहा था। परिवार वाले उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर कई सपने देख रहे थे, लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
भरूच से यात्रा के दौरान हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, 2 मई को अभिषेक गुजरात के भरूच रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर कहीं जा रहा था। इसी दौरान पालेज रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से वह अचानक गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
हादसे के बाद परिवार लगातार अभिषेक से संपर्क करने की कोशिश करता रहा। परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर फोन लगाया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती गई। बाद में पता चला कि दुर्घटना के दौरान अभिषेक का मोबाइल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।
पुलिसकर्मी ने दी हादसे की सूचना
बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने दुर्घटनास्थल से मिले मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर अपने फोन में लगाया। उसी दौरान मृतक के पिता संतोष त्रिपाठी का कॉल आया। तब पुलिसकर्मी ने उन्हें इस दर्दनाक हादसे की जानकारी दी। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सूचना मिलने के बाद पिता तुरंत गुजरात के लिए रवाना हो गए। वहां पालेज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
गांव पहुंचा शव तो मच गई चीख-पुकार
जब अभिषेक का शव गोरखपुर स्थित उसके गांव गजपुर पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मां अपने बेटे का शव देखते ही बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी रो-रोकर बेहाल हो गए।
ग्रामीणों के अनुसार, अभिषेक बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल युवक था। गांव के लोग उसे एक होनहार और जिम्मेदार युवक के रूप में जानते थे। उसकी अचानक मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
मां से दिन में दो बार करता था बात
परिजनों ने बताया कि अभिषेक अपनी मां से बेहद जुड़ा हुआ था। वह दिन में कम से कम दो बार अपनी मां से फोन पर बात जरूर करता था। घटना वाले दिन जब उसका एक भी फोन नहीं आया, तभी मां को किसी अनहोनी की आशंका होने लगी थी। परिवार को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
18 अप्रैल को हुई थी सगाई
अभिषेक की जिंदगी में खुशियों की शुरुआत होने वाली थी। बीते 18 अप्रैल को उसकी सगाई हुई थी और अगले वर्ष फरवरी में उसकी शादी तय थी। परिवार शादी की तैयारियों को लेकर उत्साहित था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं।
गांव के लोगों का कहना है कि अभिषेक परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। रिश्तेदार और ग्रामीण लगातार परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
नम आंखों से पिता ने दी मुखाग्नि
बुधवार को बड़हलगंज स्थित मुक्ति पथ पर अभिषेक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक मौजूद रहे। पिता संतोष त्रिपाठी ने नम आंखों से अपने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
गांव में शोक की लहर
अभिषेक की मौत के बाद पूरे गजपुर गांव में शोक की लहर है। लोग इस घटना को लेकर दुख व्यक्त कर रहे हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इतनी कम उम्र में एक होनहार युवक का इस तरह दुनिया छोड़ जाना बेहद दुखद है।
इस हादसे ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है। वहीं परिवार के लिए यह सदमा जिंदगी भर का दर्द बन गया है। अभिषेक के अधूरे सपने और उसके माता-पिता की टूटी उम्मीदें अब गांव के लोगों की आंखों में भी साफ दिखाई दे रही हैं।

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