नौतपा की तपती दोपहर में मानवता की मिसाल, बांसगांव चौराहे पर राहगीरों को पिलाया गया शरबत
गोरखपुर। भीषण गर्मी और नौतपा की झुलसा देने वाली धूप के बीच जहां लोग घरों से निकलने में भी परहेज कर रहे हैं, वहीं बांसगांव चौराहे पर युवाओं ने सेवा और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं द्वारा राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और बाजार आने-जाने वाले लोगों के लिए शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। तेज धूप में ठंडा शरबत पाकर लोगों के चेहरों पर राहत और मुस्कान साफ दिखाई दी।
नौतपा के दौरान लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। दोपहर के समय सड़कें तपने लगती हैं और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। ऐसे कठिन समय में बांसगांव चौराहे पर आयोजित यह सेवा कार्य लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया। राहगीरों ने रुककर शरबत पिया और आयोजन में जुटे युवाओं की सराहना की।
कार्यक्रम में हिंदू युवा वाहिनी के नगर संयोजक राजन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ सेवा कार्य किया। इस दौरान श्री कमलेश सिंह, आशुतोष शाही, सचिन राज जायसवाल, चंद्रकेश गौड़, बिपिन आर्टिस्ट, शत्रुघ्न शर्मा, आदर्श सिंह, शिवम सिंह और कृष्णा सिंह सहित कई युवा मौजूद रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने स्वयं लोगों को शरबत वितरित किया और गर्मी से बचाव के लिए अधिक पानी पीने तथा धूप में सावधानी बरतने की अपील भी की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और गर्मी के इस कठिन समय में लोगों को राहत पहुंचाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। उनका कहना था कि केवल राजनीतिक या सामाजिक चर्चा ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों की मदद करना ही असली सेवा है। इसी भावना के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया ताकि राह चलते लोगों को थोड़ी राहत मिल सके।
शरबत वितरण के दौरान चौराहे पर कुछ समय के लिए अलग ही माहौल देखने को मिला। कोई मजदूर काम पर जाते समय रुका, तो कोई बुजुर्ग व्यक्ति बाजार से लौटते समय शरबत पीकर राहत महसूस करता नजर आया। कई लोगों ने युवाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां लोग अपनी व्यस्त जिंदगी में दूसरों की परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं, वहीं युवाओं द्वारा इस तरह का सामाजिक कार्य करना बेहद सराहनीय है। इससे समाज में सहयोग, संवेदना और मानवता की भावना मजबूत होती है। खास बात यह रही कि आयोजन पूरी तरह सेवा भावना से किया गया और इसमें किसी प्रकार का दिखावा नहीं था।
गर्मी के मौसम में शरबत, पानी और अन्य राहत सामग्री का वितरण न केवल लोगों को शारीरिक राहत देता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी बढ़ाता है। बांसगांव चौराहे पर हुआ यह आयोजन इसी सकारात्मक सोच का उदाहरण बना। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य जारी रहेंगे और अधिक से अधिक युवा समाजहित के कार्यों में आगे आएंगे।
नौतपा की तपिश के बीच यह छोटा सा प्रयास लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ। सेवा, सहयोग और मानवता का यह संदेश आने वाले समय में अन्य लोगों को भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगा।

No comments