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    बांसगांव चौराहे पर श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती

    महाराणा प्रताप की जयंती पर शनिवार सायंकाल बांसगांव चौराहे का माहौल देशभक्ति, शौर्य और स्वाभिमान के रंग में रंग गया। क्षेत्र के उत्साही युवाओं ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाते हुए उनके चित्र के समक्ष कैंडिल जलाकर और माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उपस्थित युवाओं ने महाराणा प्रताप के त्याग, बलिदान, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।


    कार्यक्रम में युवाओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं थे, बल्कि भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी कभी अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहे। युवाओं ने कहा कि आज के समय में महाराणा प्रताप का जीवन हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


    इस अवसर पर भाजपा मंडल महामंत्री अविनेश सिंह (मनु) ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा, वह आज के युवाओं के लिए अनुकरणीय है।


    सभासद गिरजेश रावत ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे योद्धा थे जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।


    कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने “भारत माता की जय” और “महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारों के साथ पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामनाएं भी दीं।


    बताया जाता है कि महाराणा प्रताप का जन्म मेवाड़ के कुंभलगढ़ में हुआ था और वे अपने अदम्य साहस, युद्ध कौशल और स्वाभिमान के लिए आज भी पूरे देश में सम्मान के साथ याद किए जाते हैं। इतिहास में हल्दीघाटी का युद्ध उनके पराक्रम का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। महाराणा प्रताप ने कठिन संघर्षों के बावजूद कभी भी विदेशी सत्ता के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका प्रिय घोड़ा चेतक भी वीरता और स्वामिभक्ति का प्रतीक माना जाता है। 


    कार्यक्रम में राजन सिंह राजपूत, मुन्ना सिंह, संदीप सिंह, बच्चा सिंह, सौरभ सिंह एडवोकेट, ऋषिकेश बहादुर सिंह, आलोक सिंह, आशीष सिंह एडवोकेट, गौरव सिंह एडवोकेट, विशेष सिंह, अरविंद सिंह छोटू, आकाश कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।


    बांसगांव चौराहे पर आयोजित यह कार्यक्रम देर शाम तक चर्चा का विषय बना रहा। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में राष्ट्रप्रेम और इतिहास के महान योद्धाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। महाराणा प्रताप की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।


    महाराणा प्रताप को भारत के महानतम योद्धाओं में गिना जाता है। वे अपने शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण के कारण आज भी करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। विभिन्न स्थानों पर उनकी जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। 

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