25 हजार का इनामी ठग गिरफ्तार: फर्जी वीजा देकर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 23 लाख रुपये से अधिक की ठगी का आरोप
गोरखपुर। जनपद की बेलीपार थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने एक बड़े ठगी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी वीजा उपलब्ध कराकर कई लोगों से 23 लाख 66 हजार रुपये से अधिक की रकम लेने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शुभम कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह बिहार के सिवान जनपद के सिसवन थाना क्षेत्र स्थित गंगापुर गांव का निवासी बताया गया है। आरोपी के खिलाफ बेलीपार थाना में पहले से मुकदमा दर्ज था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
संयुक्त अभियान में मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में बेलीपार थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश काफी समय से की जा रही थी। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विदेश में नौकरी का झांसा देकर की गई कथित ठगी
मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुछ लोगों को विदेश में रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था। बेहतर नौकरी और आकर्षक वेतन का सपना दिखाकर उनसे बड़ी रकम जमा कराई गई। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों से कुल 23 लाख 66 हजार रुपये से अधिक की राशि ली गई।
पीड़ितों को विश्वास दिलाया गया कि सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर दिए गए हैं और उन्हें जल्द ही विदेश भेजा जाएगा। इसके बाद उन्हें वीजा और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए। हालांकि बाद में जांच में यह सामने आया कि संबंधित वीजा फर्जी थे।
एयरपोर्ट पहुंचने पर हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, जब पीड़ित यात्रा के लिए एयरपोर्ट पहुंचे तो दस्तावेजों की जांच के दौरान उन्हें पता चला कि वीजा वैध नहीं हैं। इस खुलासे के बाद पीड़ितों को अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली।
इसके बाद उन्होंने आरोपी से संपर्क कर अपनी रकम वापस मांगने का प्रयास किया। आरोप है कि आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें टालने की कोशिश की। मामले को लेकर विवाद बढ़ने पर पीड़ितों ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय के आदेश पर थाना बेलीपार में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी न होने पर उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विदेश में नौकरी, वीजा या रोजगार के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि विदेश में नौकरी दिलाने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित एजेंसी की वैधता और दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
जांच जारी
पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में आरोपी अकेले कार्य कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को ठगी से बचाने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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