गोरखपुर: जमीन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंगस्टर पर बड़ी कार्रवाई, 3.45 लाख रुपये का वाहन जब्त
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के आरोपी की संपत्ति जब्त कर ली। थाना एम्स पुलिस ने जिलाधिकारी के आदेश पर जमीन दिलाने के नाम पर कथित तौर पर धोखाधड़ी करके अर्जित संपत्ति के रूप में एक चारपहिया वाहन को जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए वाहन की अनुमानित कीमत करीब 3.45 लाख रुपये है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में थाना एम्स पुलिस द्वारा की गई। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई का उद्देश्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है।
जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी का आरोप
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई का संबंध थाना एम्स में पंजीकृत मु0अ0सं0 141/2025 से है, जिसमें उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2(ख), 2(I), 2(XI) एवं 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में आरोपी पंकज जायसवाल, पुत्र स्वर्गीय ईश्वरचन्द्र जायसवाल, निवासी रूद्रापुर, कुसम्ही बाजार, थाना एम्स, जनपद गोरखपुर पर आरोप है कि उसने लोगों को जमीन दिलाने का झांसा देकर कथित रूप से धोखाधड़ी की और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की।
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कुर्की की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा अपराध से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 14(1) के अंतर्गत कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी गोरखपुर के आदेश के बाद थाना एम्स पुलिस ने आरोपी के स्वामित्व वाले एक चारपहिया वाहन को जब्त कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके और समाज में कानून का प्रभावी संदेश जाए।
कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र तथा अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई लगातार जारी है।
संगठित अपराध पर सख्ती जारी
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध, भू-माफिया, धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करने की प्रक्रिया कानून के अनुसार की जा रही है। इससे न केवल अपराधियों पर आर्थिक दबाव बनता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न्यायालय और सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुरूप ही की जाती है।
पुलिस टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई का नेतृत्व थाना एम्स के थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। कार्रवाई में उपनिरीक्षक हरिकिशोर मिश्रा, उपनिरीक्षक गौरव तिवारी, उपनिरीक्षक राजकुमार, कांस्टेबल सूरज सिंह, कांस्टेबल प्रीतम कुशवाहा तथा रिक्रूट कांस्टेबल ऋषभराज गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदने या किसी भी प्रकार के संपत्ति संबंधी लेन-देन से पहले संबंधित दस्तावेजों और व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति जमीन दिलाने, सस्ते प्लॉट या अन्य प्रलोभन देकर धन की मांग करता है तो उसकी जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। समय रहते सूचना देने से धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
गोरखपुर पुलिस की यह कार्रवाई संगठित अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई यह संदेश देती है कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति सुरक्षित नहीं है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिकों के हितों की रक्षा की जा सके और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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