रेवाड़ी में पत्नी पर पति की हत्या का आरोप: कथित प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
रेवाड़ी (हरियाणा), 5 जुलाई 2026। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, जड़थल गांव निवासी 21 वर्षीय मोनू कुमार की हत्या उसकी पत्नी तन्नू ने अपने कथित प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर की। आरोप है कि हत्या को दुर्घटना या आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को नहर में फेंक दिया गया और मृतक की स्कूटी भी नहर के किनारे खड़ी कर दी गई। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और मोबाइल चैट हिस्ट्री ने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
7 जून को पत्नी को लेने गया था मोनू
पुलिस के अनुसार, 7 जून 2026 को मोनू अपनी पत्नी तन्नू को मायके से वापस लाने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
10 जून को नहर में मिला शव
करीब तीन दिन बाद 10 जून 2026 को आसलवास गांव के पास नहर से मोनू का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या या नहर में गिरने का माना गया, लेकिन परिजनों ने इस पर संदेह जताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
मोबाइल की डिलीट चैट बनी सबसे बड़ा सबूत
11 जून को पुलिस ने मोनू का मोबाइल फोन परिजनों को सौंप दिया। जब परिवार ने मोबाइल देखा तो उसमें अधिकांश चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट मिले। इससे शक और गहरा गया। इसके बाद परिजनों ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से मोबाइल का डेटा रिकवर कराया।
रिकवर हुई चैट में पत्नी तन्नू और उसके कथित प्रेमी सोनू के बीच लगातार बातचीत के प्रमाण मिले। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर परिवार ने दोबारा पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दोबारा शुरू की जांच
परिजनों ने 21 जून और 30 जून को पुलिस को नए डिजिटल साक्ष्य सौंपे। इसके बाद 2 जुलाई को उन्होंने रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर मामले की गहन जांच की मांग की।
रेवाड़ी पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर मामले की दोबारा जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
हत्या की साजिश का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि तन्नू का कथित रूप से सोनू नाम के युवक से प्रेम संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर मोनू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि योजना के तहत मोनू को मिलने के बहाने बुलाया गया। इसके बाद उसका नाक और मुंह दबाकर उसे बेहोश किया गया और फिर उसे नहर में फेंक दिया गया, ताकि पोस्टमार्टम में मौत डूबने से हुई प्रतीत हो। घटना को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए उसकी स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी कर दी गई।
4 जुलाई को पुलिस ने किया खुलासा
4 जुलाई 2026 को रेवाड़ी पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पत्नी तन्नू और आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी सोनू और उसका एक अन्य साथी अमन अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
रेवाड़ी के डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल चैट के आधार पर हुआ है। पुलिस ने कहा कि जांच में जुटाए गए सभी साक्ष्यों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग इस हत्याकांड से स्तब्ध हैं। वहीं, मृतक के परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की अपील
रेवाड़ी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
रेवाड़ी का यह मामला बताता है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्य अपराधों की जांच में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल की डिलीट चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में अहम मदद की। फिलहाल दो आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। मामले में अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही सुनाया जाएगा।

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