भैंसारानी गांव की बदहाल सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या, वर्षों से मरम्मत का इंतजार
गोरखपुर। विकास के दावों के बीच ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं की तस्वीर कई जगह आज भी चिंता का विषय बनी हुई है। गोरखपुर जनपद के भैंसारानी गांव में वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण किसानों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से टूटी हुई है। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन भी कई स्थानों पर नहीं निकल पाते, जबकि चारपहिया वाहनों का गांव तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में गांव आने वाले रिश्तेदारों, मरीजों और अन्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
किसानों की समस्या सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब खेतों में फसल की कटाई होती है, तब हार्वेस्टर या ट्रैक्टर-ट्रॉली गांव तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में मशीनों को दूर सड़क पर ही रोकना पड़ता है। इसके बाद किसानों को अपनी उपज सिर पर या अन्य छोटे साधनों से लंबी दूरी तक ढोनी पड़ती है। इससे समय, श्रम और आर्थिक नुकसान तीनों बढ़ जाते हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि सड़क खराब होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन कठिन रास्ते से गुजरना पड़ता है। बरसात के दौरान फिसलन और कीचड़ के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार बुजुर्ग और महिलाएं भी रास्ते में गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है। आश्वासन तो कई बार मिले, लेकिन सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण हो जाए तो गांव की तस्वीर बदल सकती है। किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी, मरीजों को समय पर अस्पताल ले जाया जा सकेगा और गांव का आवागमन भी सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीणों अजय, गोविंद ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भैंसारानी गांव की जर्जर सड़क का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके। लोगों का कहना है कि विकास तभी सार्थक होगा जब गांवों तक बुनियादी सुविधाएं समय पर पहुंचें और आम नागरिकों को रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिले।


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