राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान, थाना प्रभारी राजकुमार बरवार ने बढ़ाया उत्साह
अम्बरा समाचार
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में गोरखपुर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में ईशु पासवान ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि वंशिका पांडेय, कंचन यादव और ईशिका पासवान ने रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से उनके परिवार, प्रशिक्षकों और क्षेत्र के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
ईशु पासवान का स्वर्ण पदक, जापान की प्रतियोगिता के लिए चयन
राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले ईशु पासवान के प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा गया। स्वर्ण पदक हासिल करने के साथ उन्होंने जापान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए अपना चयन सुनिश्चित किया है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।
वहीं, वंशिका पांडेय, कंचन यादव और ईशिका पासवान ने रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों की सफलता ने यह साबित किया है कि यदि बच्चों को बेहतर प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
कराटे प्रशिक्षक सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य भी सम्मानित
सम्मान समारोह के दौरान कराटे कोच एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में उन्होंने स्वयं भी रजत पदक हासिल किया और जापान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपना चयन सुनिश्चित किया है।
सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें आत्मरक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। उनके प्रशिक्षण से क्षेत्र के कई खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
थाना प्रभारी ने खिलाड़ियों को किया प्रोत्साहित
समारोह में थाना प्रभारी बेलीपार राजकुमार बरवार ने पदक विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि बच्चों को सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने खिलाड़ियों से निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मेहनत को अपनी सफलता का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से बच्चे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिल रहा प्रशिक्षण
शितो-र्यू कराटे ट्रेनिंग सेंटर, मलांव की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को कराटे की तकनीकों के साथ आत्मरक्षा और फिटनेस पर भी ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षकों का उद्देश्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है, ताकि वे जिला और प्रदेश स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकें।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कराटे जैसे खेल बच्चों में आत्मरक्षा की क्षमता के साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी मदद करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
अभिभावकों और खेल प्रेमियों में खुशी
पदक विजेता खिलाड़ियों की सफलता से उनके अभिभावकों और क्षेत्र के खेल प्रेमियों में उत्साह देखने को मिला। सम्मान समारोह में खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों, प्रशिक्षुओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और भविष्य की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में कौस्तुभ तिवारी, कृष्णा पांडेय, संदीप त्रिपाठी, वेद प्रकाश पांडेय, रोहित यादव और मोहित यादव सहित खिलाड़ियों के अभिभावक, प्रशिक्षु, खेल प्रेमी और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच की ओर बढ़ते कदम
राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2026 में खिलाड़ियों का प्रदर्शन गोरखपुर के लिए गौरव का विषय है। विशेष रूप से ईशु पासवान और प्रशिक्षक सेंसाई चंद्र प्रकाश मौर्य का जापान में होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की संभावनाओं को दर्शाता है।
समारोह के अंत में सभी पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षक को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
खिलाड़ियों की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं और बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ यह संदेश भी देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के माध्यम से ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
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