भ्रष्टाचार और सरकारी दवाओं के स्टॉक में अनियमितता की शिकायत के बाद कार्रवाई, अहम दस्तावेज जब्त
इंदौर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने इंदौर स्थित महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (एमवाय अस्पताल) में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू की टीम ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राकेश गोरखे ने अपनी वैध आय की तुलना में 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, राकेश गोरखे के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि उन्होंने सरकारी सेवा के दौरान सरकारी दवाओं के स्टॉक में अनियमितता और भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध संपत्ति बनाई है। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने विस्तृत जांच शुरू की थी।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अस्पताल में दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण से जुड़े कार्यों में अनियमितताएं की गईं। इसके माध्यम से अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर आय से अधिक संपत्ति बनाई गई। जांच के दौरान राकेश गोरखे की आय, बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों और निवेश से संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई।
2007 में हुई थी नियुक्ति
जांच में सामने आया कि राकेश गोरखे की सरकारी सेवा में नियुक्ति वर्ष 2007 में हुई थी। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 2015 में उनका मासिक वेतन 18,711 रुपये था, जो समय-समय पर वेतन वृद्धि के बाद वर्ष 2025 में 54,664 रुपये प्रति माह हो गया। ईओडब्ल्यू ने उनकी सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वैध आय और अर्जित संपत्तियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया।
आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति
प्रारंभिक जांच में ईओडब्ल्यू ने पाया कि राकेश गोरखे द्वारा अर्जित कुल संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 108 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उनके विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी
ईओडब्ल्यू की अलग-अलग टीमों ने राकेश गोरखे से जुड़े आवासीय और अन्य परिसरों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य और आय के स्रोतों का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
दस्तावेजों की होगी गहन जांच
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है और जब्त किए गए दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है, जिनमें सरकारी कर्मचारी अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी हैं। हाल के वर्षों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम राकेश गोरखे के सभी वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और निवेश की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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