खड़ेसरी में मानव शिक्षा सेवा संस्थान की पहल, सात बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न
संवाददाता सूरज शर्मा बड़हलगंज गोरखपुर
अम्बरा समाचार
गोरखपुर। खड़ेसरी स्थित मानव शिक्षा सेवा संस्थान के तत्वावधान में जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता की पहल पर आयोजित इस समारोह में सात बेटियों का सामूहिक विवाह विधि-विधान और वैवाहिक रस्मों के साथ संपन्न कराया गया। विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवारजन मौजूद रहे।
गोरखपुर। खड़ेसरी स्थित मानव शिक्षा सेवा संस्थान के तत्वावधान में जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता की पहल पर आयोजित इस समारोह में सात बेटियों का सामूहिक विवाह विधि-विधान और वैवाहिक रस्मों के साथ संपन्न कराया गया। विवाह समारोह में नवविवाहित जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवारजन मौजूद रहे।
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान सातों जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ कराया गया। आयोजन में शामिल परिवारों और नवविवाहित जोड़ों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल रहा। परिजनों तथा उपस्थित लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखमय दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
सात जोड़ों ने लिए वैवाहिक जीवन की ओर कदम
मानव शिक्षा सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में सात जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। आयोजन में अरविंद-ज्योति, अरविंद-नंदिनी, आदित्य-सुनीता, जय हिंद-रिकू, बृजेश-वंदना, राकेश-रानी तथा राजन-प्रीति का विवाह विधि-विधान से कराया गया।
वैवाहिक रस्मों के दौरान दोनों पक्षों के परिवारजन और रिश्तेदार मौजूद रहे। विवाह समारोह में शामिल लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
आलोक गुप्ता और पूनम गुप्ता ने किया कन्यादान
समारोह में मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता एवं श्रीमती पूनम गुप्ता ने बेटियों का कन्यादान कर उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों के सुखमय और सफल दांपत्य जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
आयोजकों ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम है। सामूहिक विवाह के जरिए परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
सामाजिक सहभागिता का उदाहरण बना आयोजन
सामूहिक विवाह समारोह में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। प्रिया गुप्ता, भूपेंद्र दीक्षित सहित क्षेत्र की महिलाएं, माताएं-बहनें और अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मानव शिक्षा सेवा संस्थान की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे आयोजनों की जरूरत है, जिनके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सहयोग मिल सके और बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराया जा सके।
जरूरतमंद परिवारों को मिलता है सहयोग
सामूहिक विवाह का उद्देश्य केवल एक साथ कई विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना भी है। ऐसे आयोजनों से विवाह की जिम्मेदारियों को पूरा करने में परिवारों को सहयोग मिलता है और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ आने का अवसर मिलता है।
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह में सहयोग करना सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज के सक्षम लोगों और संस्थाओं की ओर से ऐसे प्रयास किए जाने से जरूरतमंद परिवारों को संबल मिलता है।
बेटियों को सम्मान के साथ नए जीवन की शुरुआत का अवसर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। ऐसे में सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
मानव शिक्षा सेवा संस्थान की इस पहल से सात परिवारों को अपनी बेटियों का विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिला। आयोजन में बेटियों को सम्मान और शुभकामनाओं के साथ उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीर्वाद दिया गया।
लोगों ने की सामाजिक पहल की सराहना
समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं और समाज के लोगों को जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों में सहयोग से समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है।
लोगों ने मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक गुप्ता और उनकी टीम की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को सहयोग मिलने के साथ समाज के लोगों में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।
नए जीवन के लिए दी शुभकामनाएं
विवाह समारोह के समापन पर उपस्थित लोगों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुख, शांति और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं। परिवारजनों और आयोजन में शामिल लोगों ने नवदंपतियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सामूहिक विवाह समारोह के दौरान पूरे कार्यक्रम में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। वैवाहिक रस्में पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की।
मानव शिक्षा सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक सहयोग और सहभागिता का उदाहरण बना। आयोजन के माध्यम से सात बेटियों को विवाह के बाद नए जीवन की ओर कदम बढ़ाने का अवसर मिला। उपस्थित लोगों ने ऐसी सामाजिक पहलों को आगे भी जारी रखने की आवश्यकता जताई, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहयोग मिल सके और समाज में सेवा, सम्मान एवं सहयोग की भावना मजबूत हो।
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