गोरखपुर जिला जेल में विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत, अचानक बिगड़ी थी तबीयत
गोरखपुर, 22 अगस्त 2026। गोरखपुर जिला जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान पीपीगंज क्षेत्र के जसवल बाजार निवासी समीर शेख (30) के रूप में हुई है। जेल प्रशासन के अनुसार समीर शेख को घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को जिला जेल में दाखिल किया गया था। जेल में दाखिल होने के करीब दो दिन बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे दौरे की समस्या होने के बाद पहले जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया और स्थिति में सुधार नहीं होने पर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जेल प्रशासन के अनुसार समीर शेख को न्यायालय के आदेश पर घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े मामले में जेल भेजा गया था। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी को 19 अगस्त को जिला जेल में दाखिल किया गया था। जेल में रहने के दौरान 21 अगस्त की शाम अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे दौरा पड़ा।
जेल में बिगड़ी तबीयत, चिकित्सकीय टीम ने दिया प्राथमिक उपचार
समीर शेख की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही जेल में मौजूद चिकित्सकीय टीम सक्रिय हुई। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। जेल प्रशासन के अनुसार उपचार के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उसकी स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजने का निर्णय लिया।
जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी को बिना किसी देरी के जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी विभाग में चिकित्सकों ने उसकी जांच की। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
रात करीब 8:30 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जिला अस्पताल में उपचार के दौरान समीर शेख की हालत गंभीर बनी रही। जेल प्रशासन के मुताबिक 21 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे विशेषज्ञ चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत की सूचना मिलने के बाद जेल प्रशासन ने उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी।
मौत की सूचना के बाद परिजन अस्पताल और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में आए। घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का था दावा
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के अनुसार समीर शेख पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। जेल प्रशासन का दावा है कि वह क्रॉनिक अल्कोहलिक था और उसे लीवर तथा किडनी से संबंधित बीमारी भी थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
किसी भी बंदी की मृत्यु की स्थिति में चिकित्सकीय परीक्षण और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। इससे मृत्यु के कारणों की पुष्टि करने में मदद मिलती है। इस मामले में भी जेल प्रशासन ने नियमानुसार पोस्टमार्टम और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कराने की कार्रवाई शुरू की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण
जेल प्रशासन ने शव के पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट को नामित किए जाने का अनुरोध किया है। नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जेल प्रशासन ने बंदी की मौत को लेकर आवश्यक सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी है।
19 अगस्त को जेल दाखिल हुआ था बंदी
समीर शेख को न्यायालय के आदेश पर 19 अगस्त 2026 को जिला जेल में दाखिल किया गया था। इसके बाद 21 अगस्त की शाम उसकी तबीयत बिगड़ी। यानी जेल दाखिले के करीब दो दिन बाद उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक उसे दौरा पड़ने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया और हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से बंदी के स्वास्थ्य, अस्पताल में उपचार और मौत से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड की प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है।
नियमानुसार पूरी की जा रही कानूनी कार्रवाई
जेल प्रशासन के अनुसार बंदी की मौत के बाद सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। शव के पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद नियमानुसार शव परिजनों को सौंपे जाने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट में सामने आने वाले चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
गोरखपुर जिला जेल में विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान हुई इस मौत के बाद जेल प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। मामले में स्वास्थ्य संबंधी पूर्व स्थिति, जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उपलब्ध कराए गए प्राथमिक उपचार, जिला अस्पताल में भर्ती और उपचार से जुड़े रिकॉर्ड भी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। मौत का अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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