बड़हलगंज में ब्लॉक स्तरीय स्कूल शिक्षा कला प्रतियोगिता का आयोजन, 25 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
अम्बरा समाचार
कार्यक्रम का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी श्री मनोजित राव के निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच, कला कौशल और प्रतिभा के माध्यम से विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों और उपस्थित अतिथियों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की रचनात्मक प्रतिभा
ब्लॉक स्तरीय स्कूल शिक्षा कला प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा। प्रतियोगिता में शामिल छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और रचनात्मक क्षमता के माध्यम से विभिन्न प्रस्तुतियां पेश कीं।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया और प्रतियोगिता के दौरान उनका मार्गदर्शन किया।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बड़हलगंज अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री महेश उमर रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ कला और रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर देती हैं। साथ ही, इससे विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास विकसित होता है।
मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर सभासद वीरेंद्र कुमार गुप्ता, दीपक शर्मा, हिमांशु गौड़, विकास गौड़, मनोज निगम सहित अन्य शिक्षक एवं आयोजक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालयों के शिक्षकों, आयोजकों और संबंधित कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के साथ कार्यक्रम के दौरान भी उनका मार्गदर्शन किया।
निर्णायक मंडल ने किया प्रस्तुतियों का मूल्यांकन
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्धारित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में शिवसेवक दत्त दुबे (सहायक अध्यापक), अजय सिंह यादव (सहायक अध्यापक), मानबिंदु सोनकर (सहायक अध्यापक), योगेश मौर्य (ARP), उमा मौर्य (ARP) एवं सर्वेश सिंह (ARP) शामिल रहे।
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों की कला, रचनात्मकता और प्रस्तुति को प्रतियोगिता के दौरान प्रमुखता से देखा गया।
विकसित भारत-2047 की संकल्पना से विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रयास
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 की संकल्पना से जोड़ना भी रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से भविष्य के भारत के निर्माण में उनकी भूमिका और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
विद्यालयी स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनकी अन्य प्रतिभाओं को सामने लाने का अवसर प्रदान करती हैं। कला प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक विचारों को प्रस्तुत करने का मंच मिला।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह और शिक्षकों का सहयोग पूरे कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता रहा।
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