गोरखपुर में अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह पर कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार; .32 बोर की दो पिस्टल बरामद
गोरखपुर। अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कैण्ट थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कथित अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो अवैध .32 बोर पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी थाना शाहपुर में दर्ज मुकदमे में 10 हजार रुपये का इनामिया भी बताया गया है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और हथियारों की सप्लाई के स्रोत के बारे में जानकारी जुटा रही है।
चार आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुलायम निषाद उर्फ नितेश, निवासी डुमरी खास, थाना चौरी चौरा; शैलेन्द्र निषाद, निवासी लहसड़ी खैरा टोला, थाना रामगढ़ताल; वीरू साहनी उर्फ गौरव, निवासी लहसड़ी बरबसपुर, थाना रामगढ़ताल; और चन्दन जायसवाल उर्फ लकी, निवासी विशम्भरपुर, थाना चौरी चौरा के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कैण्ट में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई थी और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
दो पिस्टल, कारतूस और अतिरिक्त मैगजीन बरामद
संयुक्त पुलिस टीम की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से दो .32 बोर की अवैध पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच का एक प्रमुख बिंदु हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद असलहों को किस माध्यम से गोरखपुर तक लाया गया और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं गिरोह के सदस्य
पुलिस के मुताबिक इस मामले से जुड़े गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार 15 सितंबर 2025 को गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को चार पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
इसके बाद 26 सितंबर 2026 को भी एक अन्य आरोपी को एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कई मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, हत्या, लूट और अन्य धाराओं से संबंधित मुकदमे शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक शैलेन्द्र निषाद के खिलाफ खोराबार, रामगढ़ताल और शाहपुर थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।
इसी तरह वीरू साहनी उर्फ गौरव के खिलाफ रामगढ़ताल और शाहपुर थानों में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं मुलायम निषाद उर्फ नितेश के खिलाफ कैण्ट थाने में दर्ज मौजूदा मुकदमे के अलावा गगहा थाने में भी मामला दर्ज बताया गया है।
चन्दन जायसवाल उर्फ लकी के खिलाफ कैण्ट थाने में इसी मामले से संबंधित मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
गोरखपुर पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियारों की खरीद कहां से की गई, उन्हें गोरखपुर तक कैसे पहुंचाया गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद हथियारों को आगे किन लोगों को उपलब्ध कराया जाना था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैण्ट पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ की गई इस कार्रवाई में कैण्ट थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अवैध हथियारों की तस्करी और अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में साक्ष्यों और जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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