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    बड़हलगंज में नमामि भारतम् अभियान के तहत सामूहिक वंदे मातरम् गायन, छात्रों और गणमान्यजनों ने लिया हिस्सा

    ब्यूरो चीफ सूरज शर्मा बड़हलगंज संवाददाता सूरज शर्मा बड़हलगंज गोरखपुर 
    अम्बरा समाचार

    बड़हलगंज, गोरखपुर। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में चल रहे ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत शुक्रवार को बड़हलगंज स्थित श्रीमती सुदामा देवी सरस्वती शिशु मंदिर में सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों के साथ गणमान्य नागरिकों और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।

    भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्षभर देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह राष्ट्रगीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा रहा है।
    कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में छात्रों और उपस्थित लोगों ने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में राष्ट्रीय एकता, देश के प्रति जिम्मेदारी तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

    एक स्वर और एक लय में हुआ सामूहिक गायन

    आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत निर्धारित समय पर विभिन्न विद्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। बड़हलगंज में भी विद्यार्थियों और नागरिकों ने इसमें भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

    चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा बनना गौरव की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को देश की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।

    विद्यार्थियों को दी गई ऐतिहासिक जानकारी

    विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि शंकर पाठक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके प्रभाव पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को देश के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी दी।

    सरकारी अभिलेखों के अनुसार, वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी और यह बाद में उनके उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना। 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे गाया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी यह व्यापक रूप से लोकप्रिय हुआ।

    कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

    कार्यक्रम में सहकार्यवाह ओमप्रकाश गुप्त, दीपक शर्मा, सुधीर पटेल, राजा शर्मा, सौरभ भारती, उमेश यादव, हिमांशु गौड़, विकास गौड़, मनोज यादव सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

    आयोजकों ने बताया कि ‘नमामि भारतम्’ जैसे सामूहिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और नागरिकों को देश के इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बड़हलगंज में आयोजित कार्यक्रम में भी लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।

    देशभर में चल रहे 150 वर्ष के स्मरण कार्यक्रमों का औपचारिक राष्ट्रीय आयोजन 7 नवंबर 2025 से शुरू होकर 7 नवंबर 2026 तक चल रहा है।

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