काली मंदिर में कथित अश्लील हरकत का विरोध करने पर विवाद, पुलिस से शिकायत के बाद युवक से मारपीट का आरोप
बांसगांव। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भीटी तिवारी, पोस्ट पाली में काली मंदिर परिसर में कथित अश्लील हरकत का विरोध करने के बाद विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी ओमकार पांडेय ने बांसगांव थाने में तहरीर देकर एक युवक पर धार्मिक स्थल पर कथित रूप से अश्लील हरकत करने का विरोध करने के बाद गाली-गलौज करने तथा पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद उसके दो भाइयों पर रास्ते में घेरकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर परिसर में कथित हरकत का विरोध करने का आरोप
बांसगांव पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को दिन के समय गांव स्थित काली मंदिर परिसर में गांव के ही सुनील चौबे पुत्र रामगोपाल चौबे, उम्र करीब 40 वर्ष, द्वारा कथित रूप से अश्लील हरकत की जा रही थी। ओमकार पांडेय का कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास ग्रामीणों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाली महिलाओं और मंदिर के बगल स्थित सरकारी विद्यालय जाने वाले बच्चों का रास्ता भी इसी स्थान से होकर गुजरता है।
तहरीर में कहा गया है कि इसी वजह से ओमकार पांडेय ने कथित हरकत का विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर सुनील चौबे ने उसके साथ गाली-गलौज की। पीड़ित के मुताबिक, घटना से संबंधित वीडियो उसके मोबाइल फोन में सुरक्षित है, जिसे उसने पुलिस के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है।
डायल 112 पर दी सूचना
ओमकार पांडेय ने तहरीर में बताया कि मंदिर परिसर में विवाद की स्थिति बनने के बाद उसने घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही सुनील चौबे वहां से चला गया।
तहरीर के अनुसार, इसके बाद डायल 112 पुलिस टीम आरोपी के घर पहुंची। वहां उसके परिजनों को घटना से संबंधित वीडियो दिखाते हुए मामले की जानकारी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस से शिकायत किए जाने की जानकारी आरोपी के परिवार के लोगों को होने के बाद विवाद और बढ़ गया।
रास्ते में घेरकर मारपीट का आरोप
ओमकार पांडेय का आरोप है कि डायल 112 पुलिस के जाने के बाद सुनील चौबे के भाई मनीष चौबे और रजनीश चौबे ने उसे रास्ते में घेर लिया। तहरीर के मुताबिक, दोनों ने पुलिस से शिकायत करने को लेकर नाराजगी जताते हुए उसके साथ गाली-गलौज की।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इसके बाद दोनों भाइयों ने लाठी-डंडे और हाथ-मुक्कों से उसके साथ मारपीट की। इस दौरान जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद ओमकार पांडेय ने अपने तथा अपने परिवार के जान-माल को लेकर खतरा होने की आशंका जताई है।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने बांसगांव थाने में दी गई तहरीर में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसने पुलिस से आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से गुहार लगाई है।
ओमकार पांडेय ने पुलिस को बताया है कि मंदिर परिसर में हुई कथित घटना का वीडियो उसके मोबाइल फोन में सुरक्षित है। उसने इस वीडियो को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए पुलिस के समक्ष उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके अलावा तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित घटना को गांव के कुछ अन्य लोगों ने भी देखा था।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मामले में पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंदिर परिसर में वास्तव में क्या हुआ था और बाद में मारपीट की घटना किन परिस्थितियों में हुई। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों के कथनों के आधार पर पुलिस मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगा सकती है।
धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण मामला संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। पीड़ित ने भी अपनी शिकायत में किसी तरह के विवाद को बढ़ाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से मामले के समाधान और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

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