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    गोरखपुर में अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क का खुलासा, 16 आरोपी गिरफ्तार; 15 पिस्टल और तमंचा बरामद

    गोरखपुर। अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, खोराबार थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से एक बड़े अवैध असलहा तस्करी नेटवर्क का पता चला है, जिसके तार कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क से बताए जा रहे हैं।


    पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक कुल 16 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। कार्रवाई के दौरान 15 अवैध पिस्टल और एक अवैध तमंचा बरामद किए जाने का दावा किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।


    खोराबार में दो आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस के अनुसार, खोराबार थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफजल खान निवासी डिबिया, थाना कैंट और मो. शमी निवासी दिव्यनगर रानीडीहा, थाना कैंट के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने .315 बोर का अवैध तमंचा, .32 बोर की अवैध पिस्टल मय मैगजीन और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस बरामद करने की बात कही है।

    कार्रवाई के दौरान एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस द्वारा मामले में बरामद हथियारों और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

    पुलिस लाइन में सीओ कैंट ने किया खुलासा

    पूरे मामले का खुलासा पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस वार्ता के दौरान सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने किया। पुलिस के अनुसार, अवैध असलहा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आई।

    पुलिस का दावा है कि अलग-अलग मामलों में हुई गिरफ्तारियों की कड़ियां जोड़ने पर एक ही नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस और संबंधित टीमों ने नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

    पहले भी हो चुकी है कई गिरफ्तारियां

    पुलिस के मुताबिक, इससे पहले STF गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में भी अवैध असलहा तस्करी से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की।

    पुलिस के अनुसार, 15 सितंबर को कुशीनगर के कप्तानगंज में मोहम्मद आसिफ, 17 मार्च को चिलुआताल क्षेत्र में हत्या के मामले में मनीष यादव और सचिन यादव, 26 सितंबर को करन सोनकर तथा 30 सितंबर को मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और वीरू साहनी उर्फ गौरव समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी।

    पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों से अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिली।

    अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तारी

    गोरखपुर पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस कार्रवाई में कुल 15 अवैध पिस्टल और एक अवैध तमंचा बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।

    पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों को एक नेटवर्क के माध्यम से अवैध असलहे उपलब्ध कराए जाते थे। हालांकि, हथियारों की सप्लाई का पूरा स्रोत, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और कथित आपराधिक संबंधों को लेकर जांच अभी जारी है।

    पुलिस अब इस नेटवर्क के सप्लायर, हथियारों के स्रोत और इससे जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    खोराबार थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

    मामले में खोराबार थाने में मु.अ.सं. 471/2026 के तहत धारा 55, 61 BNS एवं 9/25 आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी और सप्लाई पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार कहां से लाए गए और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस टीम ने की कार्रवाई

    खोराबार पुलिस की कार्रवाई में थाना प्रभारी सुधांशु सिंह, उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार निर्मल तथा कांस्टेबल राजेश पाठक, अमित तिवारी, आदर्श प्रताप सिंह और सुभाष वर्मा शामिल रहे।

    पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर नेटवर्क की आगे की कड़ियों की जांच की जा रही है। इस मामले में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

    नोट: अवैध असलहा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े आरोप पुलिस द्वारा बताए गए हैं। मामले में आरोपियों की भूमिका और अन्य तथ्यों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

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