• Breaking News

    गोरखपुर के छपिया में मारपीट और धमकी का आरोप, सुरजीत ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

    गोरखपुर। जिले के खजनी थाना क्षेत्र के छपिया गांव में मारपीट और धमकी का मामला सामने आया है। मामले में सुरजीत ने थाना प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि रास्ते में रोककर उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


    पीड़ित सुरजीत द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, उसका एक व्यक्ति से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति और उसके साथ मौजूद लोगों ने उसके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में घटना से जुड़ी परिस्थितियों का विस्तृत उल्लेख किया है।


    थाना बुलाए जाने के बाद हुई घटना

    शिकायत के मुताबिक, दोनों पक्षों को 1 अक्टूबर 2026 को किसी मामले के संबंध में थाने बुलाया गया था। सुरजीत का कहना है कि वह निर्धारित समय पर थाना गया था। इसके बाद करीब दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे के बीच वह थाना खजनी से वापस अपने घर की ओर जा रहा था।

    पीड़ित के अनुसार, घर लौटते समय रास्ते में छपिया के पास उसे विवेक और उसके साथ मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि मारपीट के दौरान उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आईं।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान उसे धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, घटना के बाद वह किसी तरह वहां से अपने घर पहुंचा और पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया।


    112 नंबर पर सूचना देने का दावा

    सुरजीत ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि घटना के बाद उसने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।

    पीड़ित ने पुलिस से घटना की जांच कराने के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उसने अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से मदद मांगी है।


    पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी स्थिति

    फिलहाल यह मामला पीड़ित की ओर से दी गई शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच, संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

    मारपीट से जुड़े मामलों में पुलिस आमतौर पर शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के बयान दर्ज करने के साथ घटना से संबंधित अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की भी जांच करती है। जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


    दूसरे पक्ष का पक्ष भी महत्वपूर्ण

    इस मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष समाचार तैयार किए जाने तक सामने नहीं आ सका है। समाचार की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए दूसरे पक्ष का बयान भी महत्वपूर्ण है।

    दूसरा पक्ष अपना पक्ष रखने के लिए अंबरा समाचार से संपर्क कर सकता है। दूसरे पक्ष का बयान या प्रतिक्रिया प्राप्त होने के बाद उसे भी समाचार में उचित स्थान देते हुए अपडेट किया जाएगा।


    शिकायत के आधार पर कार्रवाई की मांग

    पीड़ित सुरजीत ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसने भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा की मांग भी की है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    No comments