गाजियाबाद: केले के ठेलेदार का सनकी चेहरा! 8 साल की मासूम से की अश्लील हरकत, CCTV ने कैद की पूरी वारदात
गाजियाबाद। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना गाजियाबाद के अर्थला इलाके में सामने आई है। यहाँ एक केले की ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने एक मासूम, 8 साल की बच्ची के साथ सड़क किनारे ही अश्लील हरकत करके न सिर्फ कानून को चुनौती दी, बल्कि समाज की नैतिक सीमाओं को भी पार कर दिया। हैवानियत की इस घटना का पूरा वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जो आरोपी की क्रूरता और बच्ची की मासूमियत पर उसके हमले का चौंकाने वाला सबूत बन गया है।
घटना तब सामने आई जब उस नन्हीं बच्ची ने, जिसकी उम्र अभी खिलौनों और किताबों के साथ बीतनी चाहिए थी, अपने घर वालों के सामने वह दर्दनाक हादसा बयान किया, जिसने उसकी दुनिया हिलाकर रख दी। बच्ची ने बताया कि कैसे उस इलाके में केले का ठेला लगाने वाले नौशाद नाम के शख्स ने उसके साथ गलत हरकत की। बच्ची के मुंह से घटना की बात सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और मामला स्थानीय हिंदूवादी संगठनों तक पहुंचा।
संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने परिवार का साथ दिया। उनके दबाव और मीडिया में आने वाली खबरों के बाद पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने आरोपी नौशाद को गिरफ्तार कर लिया है। एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने उस पर यौन उत्पीड़न से जुड़े कड़े कानून पॉक्सो एक्टऔर छेड़छाड़ के मामले दर्ज किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
हालांकि, इस गिरफ्तारी से ज्यादा चौंकाने वाला है वह सीसीटीवी फुटेज, जिसने नौशाद की सनकी हरकत को पूरी तरह से कैद किया है। इस वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई है और आरोपी के खिलाफ एक ठोस सबूत का काम कर रहा है। फुटेज देखकर हर किसी का खून खौल उठता है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे नौशाद ने उस मासूम बच्ची का विश्वास हासिल किया और फिर उसकी मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसके साथ दरिंदगी की हद पार कर दी। यह वीडियो इस बात का सबूत है कि कैसे एक शातिर दरिंदा किसी भी रूप में समाज में मौजूद हो सकता है।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा सवाल है। क्या हमारे बच्चे सड़क किनारे, अपने ही मोहल्ले में सुरक्षित नहीं हैं? क्या कोई भी व्यक्ति, जिसे हम रोज देखते हैं, हमारे बच्चों के लिए खतरा बन सकता है? नौशाद का केले का ठेला शायद उस इलाके के लिए एक सामान्य नजारा था, लेकिन आज वही ठेला एक दरिंदगी का प्रतीक बन गया है।
इस मामले ने पूरे इलाके में रोष और डर का माहौल पैदा कर दिया है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे हुए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसे मामलों पर कैसे लगाम लगेगी। पुलिस की गिरफ्तारी एक सही कदम है, लेकिन सजा की सख्त सजा ही ऐसे अपराधियों के लिए एक सबक बन सकती है। इस घटना से यह सबक भी मिलता है कि माता-पिता को अपने बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए और उन्हें 'गुड टच-बैड टच' के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि वे ऐसी किसी भी घटना को तुरंत बता सकें।
अब सभी की नजरें न्यायपालिका पर टिकी हैं। यह देखना जरूरी है कि क्या इस मासूम बच्ची को न्याय मिल पाएगा? क्या पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को ऐसी सख्त सजा मिलेगी, जो भविष्य में ऐसे दरिंदों के लिए मिसाल बने? इस घटना ने न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे समाज के दिल पर गहरा घाव दिया है, जिसके निशान शायद ही कभी भर पाएं।


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