• Breaking News

    ऑपरेशन नुमखोर: भूटान से आई लग्ज़री गाड़ियों की तस्करी का बड़ा खुलासा, सितारों तक पहुंची जांच

    केरल इन दिनों एक बड़े कस्टम अभियान “ऑपरेशन नुमखोर” को लेकर सुर्खियों में है। यह अभियान उन तस्करों के खिलाफ चलाया जा रहा है, जो भूटान की सेना की तरफ से छोड़ी गई गाड़ियों को बिना कर चुकाए भारत लाकर यहां ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि करीब 150 से ज्यादा लग्ज़री गाड़ियां इसी रास्ते से भारत में पहुंची हैं। मामला तब और चर्चा में आ गया जब मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार दुल्कर सलमान और पृथ्वीराज सुकुमारन के घरों तक छापेमारी पहुंच गई।


    कैसे सामने आया मामला?

    कस्टम विभाग को हाल ही में जानकारी मिली थी कि महंगी गाड़ियां “पुरानी” और “सेकेंड-हैंड” बताकर भूटान से भारत लाई जा रही हैं। ऐसा इसलिए किया गया ताकि वाहनों पर लगने वाले भारी आयात शुल्क और टैक्स से बचा जा सके। दरअसल, भारत के नियमों के मुताबिक विदेशी सेकेंड-हैंड गाड़ियों का सीधा आयात केवल खास परिस्थितियों में ही संभव है, जैसे कि कोई व्यक्ति विदेश से वापस लौट रहा हो और अपने निजी वाहन को साथ ला रहा हो। मगर इस गैंग ने इस नियम का फायदा उठाने के लिए फर्जी पते और दस्तावेज़ तैयार किए।

    छापेमारी की बड़ी कार्रवाई

    ऑपरेशन नुमखोर के तहत केरल के कोझिकोड, मल्लापुरम, कोच्चि और त्रिवेंद्रम जैसे जिलों में करीब 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई। अब तक की कार्रवाई में 36 लग्ज़री गाड़ियां जब्त की गई हैं। सिर्फ कोझिकोड और मल्लापुरम जिलों से ही 7 जगहों से 11 गाड़ियां बरामद हुईं। अधिकारियों का कहना है कि यह तो शुरुआती आंकड़ा है, आने वाले दिनों में संख्या और बढ़ सकती है।

    इन गाड़ियों में लैंड क्रूजर, प्राडो, बीएमडब्ल्यू और अन्य महंगे मॉडल शामिल हैं। ज्यादातर गाड़ियां भूटान से सेना के लिए लाई गई थीं, लेकिन बाद में नियमों का उल्लंघन करते हुए भारत में बेच दी गईं।

    सितारों के घर पर दस्तक

    जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कस्टम विभाग की टीम ने दो बड़े सितारों के घरों तक दस्तक दी। अभिनेता दुल्कर सलमान के कोच्चि स्थित घर से विभाग ने दो लग्ज़री गाड़ियां जब्त कीं। वहीं, अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन के त्रिवेंद्रम और कोच्चि स्थित घरों पर भी दस्तावेजों की जांच की गई। हालांकि, उनके घर से कोई गाड़ी बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी यह जांच केवल दस्तावेज़ों की सत्यता पर केंद्रित है। यदि कागज सही पाए जाते हैं तो गाड़ियां वापस मिल सकती हैं, लेकिन गड़बड़ी साबित होने पर उन्हें जब्त कर लिया जाएगा।

    अधिकारियों का बयान

    कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 15 मामलों में साफ सबूत मिले हैं कि गाड़ियों को गलत तरीके से आयात कर बेचा गया। फर्जी पते, झूठे निर्माण वर्ष, और दस्तावेज़ों में हेरफेर कर इन गाड़ियों को भारत में पंजीकृत कराया गया। विभाग ने चेतावनी दी है कि आगे की जांच में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

    अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल टैक्स चोरी का नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है, क्योंकि सेना के लिए लाई गई गाड़ियों का व्यावसायिक उपयोग नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

    असर और अगला कदम

    इस मामले से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ है। कस्टम विभाग अब वाहन मालिकों, बिचौलियों और रजिस्ट्रेशन कराने वाले एजेंटों से पूछताछ कर रहा है। फिल्मी सितारों समेत जिन लोगों के नाम इसमें सामने आए हैं, उन्हें गाड़ियों के सभी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

    ऑपरेशन नुमखोर अभी शुरुआती चरण में है, और संभावना है कि आने वाले दिनों में और बड़ी जब्तियां और गिरफ्तारी हो सकती हैं। विभाग ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी व्यक्ति को उसकी लोकप्रियता या पहचान के आधार पर रियायत नहीं दी जाएगी।

    No comments

    Ad

    Abcd
    ad728