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    टीचर्स सेल्फ केयर टीम का राष्ट्रीय विस्तार, गोरखपुर प्रवक्ता को दिल्ली की जिम्मेदारी

    गोरखपुर। शिक्षकों द्वारा चलाई जा रही संस्था टीचर्स सेल्फ केयर टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संस्था ने देश की राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में अपना संगठन गठित किया है। इसी क्रम में गोरखपुर के जिला प्रवक्ता विकास यादव को दिल्ली प्रांत का प्रांतीय सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस निर्णय से संस्था की गोरखपुर इकाई के सदस्यों में उत्साह है।



    विकास यादव ने इस नई जिम्मेदारी के लिए संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष विवेकानंद, संस्थापक मंडल और पूरी प्रांतीय टीम का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मिली जिम्मेदारी को वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।


    संस्था के बारे में जानकारी देते हुए विकास यादव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संस्था द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ 416 दिवंगत सदस्यों के परिजनों को उनके बैंक खातों में सीधे 177 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था से अभी तक चार लाख से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं, जो प्रतिमाह इस नेक काम में अपना सहयोग देते हैं।


    हाल ही में गोरखपुर जनपद के पिपराइच ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मठिया में कार्यरत दिवंगत शिक्षक स्वर्गीय दिनेश सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। यह घटना शिक्षकों के बीच पारस्परिक सहयोग और एकजुटता का एक बड़ा उदाहरण है।


    संस्था की शुरुआत जुलाई 2020 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कुछ शिक्षकों ने कोविड-19 महामारी के दौरान की थी। उस कठिन समय में जब कई शिक्षकों की असामयिक मृत्यु हो गई और परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, तब विवेकानंद आर्य, महेंद्र वर्मा, सुधेश पांडे और संजीव रजक ने मिलकर इस मंच की नींव रखी थी।


    संस्था का मुख्य सिद्धांत यह है कि सदस्य शिक्षक अपनी मासिक आय का 0.1 प्रतिशत यानी लगभग 100 रुपये संस्था में योगदान करते हैं। जब किसी सदस्य शिक्षक की मृत्यु हो जाती है, तो पूरे राज्य के सदस्य शिक्षक मिलकर उसके परिवार को 20 से 22 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।


    संस्था ने हाल ही में शिक्षकों के लिए गंभीर बीमारी के लिए जीवन दान योजना भी शुरू की है। इसके तहत सदस्य शिक्षक 200 रुपये की सहयोग राशि जमा करेंगे। गंभीर बीमारी की स्थिति में पांच लाख रुपये तक की मदद उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना पूरी तरह से ऐच्छिक है और इलाज का खर्च दो लाख रुपये से अधिक होने पर ही सहायता दी जाएगी।


    टीचर्स सेल्फ केयर टीम का यह राष्ट्रीय विस्तार शिक्षक एकजुटता की मिसाल कायम करता है। विकास यादव जैसे युवा और ऊर्जावान प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना संस्था के लिए एक सार्थक पहल साबित होगी। शिक्षकों के इस सहकारी प्रयास से न केवल उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा मिल रही है, बल्कि शिक्षक समुदाय में आपसी भाईचारा और एकजुटता भी मजबूत हो रही है।

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