मरवाटिया में दुर्गा माता के पट खुलने के साथ शुरू हुआ नवरात्रि उत्सव, गांव में छाई आस्था की महक
बड़हलगंज क्षेत्र के गांव मरवाटिया में आज सोमवार, 29 सितंबर को दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के पंडाल का पट (पर्दा) विधिवत रीति-रिवाजों के साथ खोला गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही पूरे गांव में उत्सव का माहौल छा गया और श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला।
पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुआ अनुष्ठान
सुबह के समय निर्धारित शुभ मुहूर्त में यह धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। सर्वप्रथम, स्थानीय पुजारी ने संस्कृत के मंत्रों का उच्चारण करते हुए माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान हवन कुंड में आहुति दी गई और देवी को फल-फूल, मिठाई तथा विशेष प्रसाद चढ़ाया गया। पूरा वातावरण धूप, घंटियों और मंत्रोच्चारण से गूंज उठा। पूजा सम्पन्न होने के बाद, गांव के युवाओं एवं समिति के प्रमुख सदस्यों नीतेश यादव, करण यादव, बृजेश यादव और जितेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से देवी की मूर्ति के सामने लगे भव्य पट को खोला। पट खुलते ही माँ दुर्गा की भव्य और दिव्य प्रतिमा के दर्शन हुए, जिसे देखकर उपस्थित सैकड़ों भक्तों ने जयकारे लगाए और आरती में शामिल हुए।
युवा शक्ति ने निभाई अग्रणी भूमिका
इस पूरे आयोजन की सफलता में गांव के युवाओं की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। नीतेश यादव, करण यादव, बृजेश यादव और जितेंद्र यादव ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि व्यवस्था के हर पहलू पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया। उनके इस प्रयास ने गांव के युवाओं में सामाजिक सद्भाव और धार्मिक परंपराओं के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है। नीतेश यादव ने कहा, "यह उत्सव हमारी सामाजिक एकजुटता को दर्शाता है। हमारा प्रयास है कि हमारी पीढ़ी इन अच्छी परंपराओं को और भी आगे बढ़ाए।"
श्रद्धालुओं में उमड़ा अपार उत्साह
पट खुलने के बाद से ही पूरा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भर गया। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी उत्साहित नजर आए। माँ दुर्गा के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं। भक्ति गीतों की मधुर धुनें पूरे गांव में गूंजने लगीं। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से प्रसाद लेकर आए और एक-दूसरे के साथ बाँटकर सामुदायिक भावना को मजबूत किया। गांव की एक वरिष्ठ नागरिक श्रीमती रामदुलारी देवी ने कहा, "बरसों से यह त्योहार इसी उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज का दिन हमारे लिए बेहद खास है।"
आगामी उत्सव की रूपरेखा
पट खोलने के साथ ही नवरात्रि उत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। अगले कई दिनों तक यहाँ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें माँ दुर्गा की विशेष आरती, हवन, भजन-कीर्तन, धार्मिक भाषण और सांस्कृतिक संध्या शामिल हैं। बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। समिति की ओर से प्रतिदिन भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी जाति और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे। विजयादशमी के दिन श्रद्धापूर्वक माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
सामाजिक एकजुटता का प्रतीक
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव मरवाटिया की सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। इसने गांव के सभी वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है। पूजा समिति के एक अन्य सदस्य ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, बल्कि गांव में शांति और सौहार्द का वातावरण भी बनता है।

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