लखनऊ में मौत की रफ्तार: थार की टक्कर से उड़ गया ई-ऑटो, सड़क बनी चीखों का मंजर
शनिवार की शाम लखनऊ का कैंट इलाका सूरज ढल रहा था, लोग अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे थे। कमांड हॉस्पिटल के पास ट्रैफिक सामान्य था। तभी अचानक कान फाड़ देने वाली “धम्म” आवाज़ गूँजी और पल भर में सन्नाटा टूटा।
एक काली थार करीब सौ की रफ्तार से दौड़ रही थी। ड्राइवर नशे में था या लापरवाह, पता नहीं… लेकिन अगले ही पल उसने सामने से आ रही ई-ऑटो को ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि लोहे का ढांचा चकनाचूर हो गया।
ई-ऑटो में कुल आठ यात्री बैठे थे। मंदिर से लौटते चेहरे पलभर में खून से लथपथ हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ लोग हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे, किसी का सिर फुटपाथ से टकराया तो किसी की सांस वहीं थम गई।
चीखें और भगदड़
सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
किसी ने पुलिस को फोन लगाया, तो कोई घायलों को उठाने दौड़ा। तीन एम्बुलेंस पहुँचीं और घायलों को तुरंत KGMU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
लेकिन तब तक 23 साल का मोहित और 26 साल का उमेश साहू हमेशा के लिए इस दुनिया से जा चुके थे।
मोहित की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी, उसकी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। उमेश की भी शादी 2022 में हुई थी और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। घरों में खुशियाँ थीं, लेकिन शनिवार की शाम ने सब कुछ मातम में बदल दिया।
ड्राइवर फरार, थार बरामद
हादसे के बाद ड्राइवर थार वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने गाड़ी कब्ज़े में लेकर CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उस पर राश ड्राइविंग व हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा।
ज़िंदा बचे पर घायल
घायलों में निगोहा और करनपुर के निवासी — भूपेंद्र, अंश, प्रमोद, अनुज और सुमित यादव — शामिल हैं। इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर रात भर जिंदगी बचाने की जद्दोजहद करते रहे।
सड़क बनी खून का दरिया
गवाह बताते हैं कि टक्कर इतनी खतरनाक थी कि कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था जैसे युद्धभूमि हो।
सड़क पर बिखरे जूते-चप्पल, टूटे मोबाइल, और लहूलुहान पड़े शरीर… यह मंजर किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देने वाला था।


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