गोरखपुर में मातृशक्ति का सम्मान, उज्ज्वला योजना से दीपावली पर दो गैस सिलेंडर की सौगात
गोरखपुर। दीपावली के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मातृशक्ति को विशेष उपहार देते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ा तोहफा घोषित किया है। सरकार ने इस बार दीपावली पर उज्ज्वला योजना की महिलाओं को दो गैस सिलेंडर निःशुल्क रिफिल की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इससे घर-घर में दीपावली की रोशनी के साथ रसोई में भी उजाला होगा।
विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम
बुधवार को विकास भवन सभागार में उज्ज्वला योजना से जुड़ी महिलाओं को यह सौगात प्रदान करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और प्रदेश की मातृशक्ति को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विधायक ग्रामीण विपिन कुमार सिंह ने गोरखपुर की 105 लाभार्थी महिलाओं को दो-दो गैस सिलेंडरों का चेक वितरण किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त विनीत कुमार सिंह, परियोजना निदेशक दीपक सिंह, और जिला आपूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने देश की करोड़ों माताओं और बहनों को धुएं से मुक्त जीवन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि दीपावली जैसे पावन पर्व पर कोई भी बहन अपने घर में अंधकार में न रहे। हर घर में उजाला हो और हर रसोई में गैस की लौ जलती रहे, यही सच्चे अर्थों में उज्ज्वला योजना की सफलता है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यह योजना केवल रसोई का साधन नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि गरीब परिवारों को रसोई गैस की सुविधा पूरी तरह सुलभ कराई जा सके।
2.93 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित इस विशेष दीपावली उपहार के तहत गोरखपुर जनपद की करीब 2 लाख 93 हजार उज्ज्वला लाभार्थी महिलाएं इसका लाभ प्राप्त करेंगी। प्रत्येक लाभार्थी को दो गैस सिलेंडरों की रिफिल पर निःशुल्क सब्सिडी दी जाएगी।
एक गैस सिलेंडर की निर्धारित कीमत ₹915 रखी गई है, जिसमें से ₹359 केंद्र सरकार और ₹556 राज्य सरकार वहन करेगी। यानी पूरी राशि ₹915 प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा की जाएगी।
कैसे मिलेगा लाभ
महिलाओं को पहले स्वयं गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर भुगतान करना होगा। इसके बाद आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से सब्सिडी की राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी। इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त होगी।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि लाभार्थियों को समय पर सूचना दी जाएगी ताकि कोई भी महिला इस सुविधा से वंचित न रहे। सभी लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से जुड़े होने चाहिए ताकि धनराशि सीधे उन्हें प्राप्त हो सके।
उज्ज्वला योजना का अगला चरण प्रारंभ होगा
अधिकारियों ने यह भी बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का नया चरण (संस्करण 3.0) प्रारंभ किया जाएगा। इसके अंतर्गत ऐसे परिवार जो अब तक गैस कनेक्शन से वंचित हैं, उन्हें यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
नए चरण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग, अंत्योदय अन्न योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, चाय बागान और वनवासी परिवार, तथा अन्य गरीब परिवारों को कनेक्शन दिए जाएंगे।
पात्रता के नियम स्पष्ट किए गए
नए उज्ज्वला कनेक्शन के लिए पात्र महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
साथ ही, परिवार में किसी अन्य सदस्य के नाम पर एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
महिला आवेदक को आवेदन के साथ पहचान पत्र, आधार संख्या और राशन कार्ड की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
इस योजना का उद्देश्य हर गरीब परिवार की रसोई में धुआं मुक्त वातावरण बनाना है ताकि महिलाएं और बच्चे स्वास्थ्यवर्धक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।
कार्यक्रम में महिलाओं ने व्यक्त किया आभार
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बांसगांव क्षेत्र की रहने वाली सीमा देवी ने कहा कि पहले लकड़ी के चूल्हे से खाना बनाते समय आंखों में धुआं जाता था, अब गैस सिलेंडर से सबकुछ आसान हो गया है।
दूसरी लाभार्थी शांति देवी ने कहा कि दीपावली पर यह सौगात उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
परियोजना निदेशक दीपक सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें सभी गैस एजेंसियों के साथ तालमेल बनाकर कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना का लाभ किसी भी योग्य परिवार से छूटना नहीं चाहिए।
जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाभार्थियों के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था रखें ताकि किसी प्रकार की समस्या न हो
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
उज्ज्वला योजना ने देशभर में करोड़ों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है। पहले जहां महिलाएं जंगलों से लकड़ी लाकर चूल्हे पर भोजन पकाने को मजबूर थीं, वहीं आज वे स्वच्छ ईंधन से भोजन बना रही हैं। इससे समय की बचत, स्वास्थ्य में सुधार और पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है।
दीपावली पर दो सिलेंडर निःशुल्क रिफिल की सौगात से यह संदेश भी दिया गया है कि सरकार महिलाओं के सम्मान और सुविधा के लिए निरंतर प्रयासरत है।
स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक
उज्ज्वला योजना न केवल रसोई की व्यवस्था सुधारने की योजना है बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक भी है।
गोरखपुर में इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं तो बदलाव निश्चित होता है।
अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाएं अपने घर की रसोई में सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में भोजन बना रही हैं।

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