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    गोरखपुर महोत्सव 2026 की तैयारियां शुरू, मंडलायुक्त ने सौंपी जिम्मेदारियां

    गोरखपुर। पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान बन चुका गोरखपुर महोत्सव एक बार फिर भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है। आगामी वर्ष 2026 के इस महोत्सव की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और सुनियोजित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



    महोत्सव की तारीखें और स्थान तय


    बैठक में निर्णय लिया गया कि गोरखपुर महोत्सव 2026 का आयोजन 10, 11 और 12 जनवरी को चम्पा देवी पार्क में किया जाएगा। तीन दिवसीय यह आयोजन इस बार और भी भव्य, आकर्षक और मनोरंजक होगा। इस दौरान मंच पर हॉलीवुड और बॉलीवुड कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। संगीत, नृत्य, नाटक, लोककला और खाद्य संस्कृति जैसे विविध रंगों से महोत्सव पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनेगा।


    मंडलायुक्त ने दी विभागों को जिम्मेदारी


    बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी कार्य अधूरा न रहे। उन्होंने कहा, “गोरखपुर महोत्सव हमारे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए इस बार इसे पहले से भी अधिक भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।”

    महोत्सव के नोडल अधिकारी – गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष होंगे।


    बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित


    इस बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय, और पर्यटन अधिकारी समेत अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


    सुरक्षा से लेकर स्वच्छता तक तय हुआ खाका


    मंडलायुक्त ने महोत्सव से जुड़ी जिम्मेदारियां विभागवार सौंपीं —


    सुरक्षा और यातायात व्यवस्था – पुलिस व ट्रैफिक विभाग


    स्वच्छता और जल व्यवस्था – नगर निगम


    विद्युत आपूर्ति – विद्युत विभाग


    पार्किंग प्रबंधन – परिवहन व नगर विकास विभाग


    मंच सज्जा और आतिथ्य सत्कार – पर्यटन व सांस्कृतिक विभाग



    उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी कार्ययोजना समय सीमा में प्रस्तुत करें, ताकि आयोजन से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकें।


    मुख्य अतिथि और कार्यक्रम की रूपरेखा


    महोत्सव का उद्घाटन राज्य की संस्कृति मंत्री के कर-कमलों से होगा, जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। तीन दिवसीय कार्यक्रम में उत्तर भारत की पारंपरिक लोककलाओं, शास्त्रीय नृत्य और गायन की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही स्थानीय विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।


    स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच


    मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस बार महोत्सव में स्थानीय कला और संस्कृति को विशेष स्थान दिया जाएगा। “यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होगा, बल्कि पूर्वांचल की सांस्कृतिक धरोहर को नए आयाम देने का अवसर भी बनेगा,” उन्होंने कहा।


    जनभागीदारी पर जोर


    गोरखपुर महोत्सव को इस बार जनसहभागिता का प्रतीक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठन और व्यवसायिक संघटन भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे गोरखपुर के लोगों में स्थानीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


    पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन


    हर साल गोरखपुर महोत्सव के दौरान हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और होटल उद्योग को भी बड़ा लाभ होता है। इस वर्ष भी पर्यटन विभाग ने विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


    डिजिटल प्रमोशन और लाइव कवरेज की योजना


    इस बार महोत्सव की डिजिटल प्रमोशन और लाइव कवरेज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स, यूट्यूब चैनलों और स्थानीय न्यूज़ पोर्टलों के माध्यम से लोग देश-विदेश से इस कार्यक्रम का आनंद ले सकेंगे।


    गोरखपुर की पहचान बना गोरखपुर महोत्सव


    पिछले कई वर्षों से गोरखपुर महोत्सव सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह अब शहर की संस्कृति, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बन गया है। लोगों की अपेक्षाएं इस बार और भी बढ़ गई हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि सभी विभाग मिलकर काम करेंगे तो गोरखपुर महोत्सव 2026 अब तक का सबसे सफल आयोजन साबित होगा।

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