विजयादशमी पर्व पर रावण दहन, नगर गूंजा “जय श्रीराम” के नारों से
संवाददाता सूरज शर्मा बड़हलगंज गोरखपुर
बड़हलगंज। अधर्म पर धर्म की विजय और असत्य पर सत्य की स्थापना का प्रतीक पर्व विजयादशमी (दशहरा) गुरुवार को नगर सहित ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। नगर के आर्यनगर मोहल्ला स्थित रामलीला मैदान में भव्य दशहरा मेला और रामलीला मंचन का आयोजन हुआ। रावण वध और पुतला दहन के साथ ही पूरा वातावरण “जय श्रीराम” और “सत्य की विजय हो” जैसे नारों से गूंज उठा।
सुबह से ही नगर में उल्लास और उमंग का माहौल बना रहा। मेले में दूर-दराज़ के गांवों से परिवार सहित लोग उमड़े। दिनभर रामलीला मंचन की रोचक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। मेघनाद-लक्ष्मण संवाद, मेघनाद वध और कुंभकर्ण वध जैसे प्रसंगों को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। शाम ढलते ही मंचन का सबसे प्रतीक्षित दृश्य राम-रावण युद्ध प्रारंभ हुआ। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने सांसें थामकर इस महाकाव्य प्रसंग को देखा।
काफी देर तक चले युद्ध के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया। तत्पश्चात जैसे ही रावण का विशालकाय पुतला धधकती अग्नि की लपटों में जलने लगा, पूरा रामलीला मैदान जयकारों से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सभी ने विजयादशमी पर्व को धर्म की जीत और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश मानकर उत्साहपूर्वक मनाया।
मेले में महिलाओं और बच्चों की विशेष चहल-पहल रही। देर रात तक लोग खरीदारी और झूलों का आनंद उठाते रहे। मिठाइयों, खिलौनों, घरेलू सामान और स्थानीय उत्पादों की सैकड़ों दुकानें सजी रहीं। लोगों ने परिवार के साथ उल्लासपूर्ण वातावरण में पर्व का आनंद लिया।
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नगर पंचायत की ओर से मेले में पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजेश त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी गोला अमित जायसवाल और नगर पंचायत बड़हलगंज की चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व हमें सत्य, धर्म और आदर्श जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विरेंद्र एडवोकेट ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समिति ने वर्षों से चली आ रही परंपरा को उसी भव्यता के साथ बनाए रखने का संकल्प लिया है।
रात गहराने तक रामलीला मंचन और मेला चलता रहा। रावण वध और पुतला दहन के बाद लोग विजयादशमी की पावन स्मृतियों को संजोए घर लौटे। नगर और गांवों में दशहरे का यह उल्लास लंबे समय तक लोगों की यादों में ताजा रहेगा।
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