63 बेटियों का बिना दहेज विवाह सम्पन्न, आलोक गुप्ता ने कहा जीवनभर करता रहूंगा सेवा
संवाददाता सूरज शर्मा बड़हलगंज गोरखपुर
सामाजिक सेवा और मानवता की मिसाल बन चुके प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री आलोक गुप्ता द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में इस वर्ष 63 बेटियों का बिना दहेज शादी के साथ मंगल मिलन सम्पन्न हुआ। भव्य आयोजन के साक्षी बने हजारों लोगों के बीच वातावरण मानवता, सौहार्द और भावनाओं से भरा दिखाई दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए आलोक गुप्ता के इस सेवा भाव की सराहना की।
आलोक गुप्ता कई वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी का दायित्व निभा रहे हैं। इस बार आयोजित 63 विवाहों ने उनके संकल्प और उनके सामाजिक योगदान को और मजबूत किया है। दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ खड़े होकर उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि समाज बदलाव तभी देखता है जब कोई व्यक्ति दृढ़ इरादों के साथ आगे बढ़ता है।
समारोह के दौरान भावुक होते हुए आलोक गुप्ता ने कहा—
“मैं जब तक जिंदा हूं, इसी तरह बेटियों की शादियां कराता रहूंगा। मेरे न रहने पर भी मेरी आने वाली पीढ़ी इस परंपरा को निभाती रहेगी। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे मैं जीवनभर निभाऊंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि उनका प्रयास सिर्फ शादी कराना ही नहीं है, बल्कि उन गरीब परिवारों की मदद करना है जो आर्थिक तंगी की वजह से अपनी बेटियों के विवाह की चिंता में जीवन भर परेशान रहते हैं।
“मैं हर महीने ऐसे कार्यक्रम करता रहूंगा, ताकि समाज का कोई भी जरूरतमंद परिवार अपनी बेटी की शादी को लेकर चिंता में न रहे।”
उनकी इस घोषणा ने पूरे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
इस सेवा कार्य में आलोक गुप्ता के पुत्र शिखर गुप्ता भी बराबर सहभागी रहते हैं। समारोह के दौरान उन्होंने भी समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा—
“मैं पिता जी के साथ हर सामाजिक कार्य में शामिल रहता हूं। आने वाले समय में इस परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए गरीब और जरूरतमंद परिवारों की हर संभव मदद करूंगा।”
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ऐसे लोग ही समाज की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने दहेजमुक्त विवाह का समर्थन करते हुए कहा कि आज देश और समाज को ऐसे प्रेरक आयोजनों की बेहद जरूरत है, जिनसे सामाजिक सोच में बदलाव आए।
सभी 63 जोड़ों को जीवन-यापन के लिए आवश्यक सामग्री, गृहस्थी का सामान, उपहार और आशीर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोज का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने शिरकत की।
आलोक गुप्ता द्वारा आयोजित यह सामूहिक विवाह सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि समाज को दी गई एक महत्वपूर्ण सीख है—“बेटियां बोझ नहीं, सम्मान हैं; और दहेज नहीं, संस्कार विवाह की नींव है।”
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