बड़हलगंज में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर विभिन्न संस्थानों में विचार गोष्ठियों का आयोजन
बड़हलगंज में 26 नवंबर को संविधान दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमामय तरीके से मनाया गया। इस वर्ष का आयोजन विशेष इसलिए भी रहा क्योंकि भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस अवसर पर क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों द्वारा विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिसमें संविधान के इतिहास, महत्व और 75 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की गई।
पंडित भगुनाथ चतुर्वेदी कॉलेज ऑफ लॉ में ‘भारतीय संविधान—इतिहास, महत्व और 75 वर्षों की उपलब्धियां’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की शासन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए संविधान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। भारतीय संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की नींव है, जिसने पिछले 75 वर्षों में भारत को एक मजबूत, स्थिर और संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान डॉ. बी.आर. आंबेडकर, बी.एन. राव एवं प्रेम बिहारी राजदान जैसे महान विद्वानों के योगदान से तैयार हुआ था।
कॉलेज के मुख्य नियंता चंद्र भूषण तिवारी ने कहा कि संविधान सभा द्वारा 1949 में अनुमोदित भारतीय संविधान ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों में संविधान ने देश को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत आधार प्रदान किया है। असिस्टेंट प्रोफेसर आशुतोष शुक्ला ने संविधानवाद की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि संविधान की आत्मा उसके मूल सिद्धांतों, अधिकारों एवं कर्तव्यों में निहित है। उपाध्याय अवनीश ने कहा कि भारतीय संविधान केवल नियमों का दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यों का दर्पण है।
इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की बड़हलगंज नगर इकाई द्वारा भी संविधान दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की गई। नगर अध्यक्ष रत्नेश धर दुबे ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का सशक्त दस्तावेज है, जो हर नागरिक को समान अवसर, सम्मानजनक जीवन, राष्ट्रीय कर्तव्य एवं अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों की संविधान यात्रा भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री आशुतोष पांडेय ने किया, जबकि अमन श्रीवास्तव ने उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रमों में संविधान की मूल भावना और नागरिक कर्तव्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

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