गोरखपुर में आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन क्लस्टर प्रशिक्षण का शुभारंभ
गोरखपुर में आज से आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन (ईएमटी) आधारित क्लस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह पहल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। प्रशिक्षण स्थल पर सुबह से ही उत्साह का वातावरण देखने को मिला। ईएमटी कर्मियों के चेहरों पर नई ऊर्जा और सीखने की ललक साफ झलक रही थी।
इस प्रशिक्षण का संचालन लखनऊ से आए ईएमएलसी अधिकारी श्री नितीश कुमार द्विवेदी तथा गुणवत्ता परीक्षक श्री नागेश्वर मिश्र द्वारा किया जा रहा है। दोनों प्रशिक्षक ईएमटी कर्मियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, पेशेवर ढंग से मरीज की देखभाल करने और बेहतर टीम वर्क की कला सिखा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान ईएमटी कर्मियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है — जैसे ट्रॉमा (गंभीर चोट) प्रबंधन, सांस लेने में कठिनाई वाले मरीज का उपचार दृष्टिकोण, छाती दर्द की स्थिति (हृदय संबंधी प्रोटोकॉल), बेहोश मरीज की देखभाल, ऑक्सीजन देना, दवा का अंतःशिरा एवं अंतःपेशी प्रयोग, स्प्लिंटिंग और पट्टी बांधना, हृदय पुनर्जीवन (सीपीआर) — वयस्क, बच्चे और शिशु के लिए, नवजात शिशु को पुनर्जीवित करना, सामान्य प्रसव की प्रक्रिया, तथा एम्बुलेंस में दवाओं और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन।
इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में गोरखपुर संचालन टीम का विशेष योगदान रहा। क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दिग्विजय मौर्य, जिला प्रबंधक श्री वेदप्रकाश, तथा ईएमई टीम — श्री सोनू शर्मा, श्री शैलेश त्रिपाठी और श्री शोएब ने मिलकर इस प्रशिक्षण को प्रभावी और यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर ईएमटी में “सेवा ही सर्वोपरि” की भावना को और अधिक गहराई से स्थापित करता है। गोरखपुर से शुरू हुई यह पहल अब पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है — जहाँ हर ईएमटी सिर्फ एक कर्मचारी नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला सच्चा सेवक बनकर उभर रहा है।

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