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    गायत्री साधना और सद्भाव से स्वयं व समाज का सुधार संभव — श्यामा राठौर


     संवाददाता सूरज शर्मा बड़हलगंज गोरखपुर

    बड़हलगंज। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारी ब्रह्मवादिनी बहन श्यामा राठौर ने कहा कि वर्तमान समय युग परिवर्तन का दौर है। ऐसे समय में यदि मनुष्य अपनी सोच, वाणी और कर्म को शुद्ध कर ले, तो गायत्री साधना और सद्भाव के माध्यम से न केवल स्वयं का, बल्कि पूरे समाज का भी उत्थान संभव है। उन्होंने यह विचार सोमवार को बड़हलगंज स्थित राष्ट्रीय कन्या इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित 108 कुण्डीय राष्ट्र जागरण नारी सशक्तिकरण गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन पावन प्रज्ञा पुराण कथा के दौरान व्यक्त किए।

    श्यामा राठौर ने कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गायत्री साधना मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य शक्ति है। यह साधना व्यक्ति को सद्बुद्धि, आत्म-ज्ञान और लोक-कल्याण के लिए आवश्यक दिव्य दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने भगवान विष्णु और देवर्षि नारद के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और समाज कल्याण भी है। जब व्यक्ति अपने अंतःकरण में सद्भाव को स्थान देता है, तभी सदाचार का जन्म होता है और यही सदाचार समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है।

    उन्होंने आगे कहा कि सद्भाव केवल बाहरी आचरण नहीं, बल्कि भीतर से उत्पन्न होने वाली शुद्ध भावना है। यह भावना जब विचार, वाणी और कर्म से जुड़ जाती है, तो मानव जीवन में संतुलन और शांति स्थापित होती है। गायत्री मंत्र का नियमित जप और उसके भावों को जीवन में उतारना व्यक्ति को नकारात्मकता से मुक्त कर सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

    प्रज्ञा पुराण कथा को और अधिक रोचक व भावपूर्ण बनाने में ब्रह्मवादिनी बहन अरुंधती शाह, मंदाकिनी तिवारी, लक्ष्मी साहू, विजयलक्ष्मी यादव एवं संगीता चंद्राकर ने वाद्ययंत्रों और सुमधुर संगीत के माध्यम से विशेष योगदान दिया। उनके गायन और वादन से पूरा कथा पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा।

    इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए सुभाष मौर्य, धर्मेंद्र यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, गायत्री शक्तिपीठ बासुडीहा के संचालक आलोक सिंह, कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मीनारायण गुप्त, गायत्री शक्तिपीठ सिधुआपार के संस्थापक अनिल कुमार पाण्डेय, सुभाष विश्वकर्मा, वीरेंद्र नारायण गुप्ता, राजीव दूबे, डॉ. बांके बिहारी मिश्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत सोनी, हरिश्चंद्र जायसवाल, मीडिया प्रभारी संतोष जायसवाल, मीरा जायसवाल, दिलीप निगम, मनमोहन पटवा सहित बड़ी संख्या में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभल से आए महिला-पुरुष गायत्री साधक उपस्थित रहे। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने गहन श्रद्धा और अनुशासन के साथ सहभागिता की, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।

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