ग्राम पकड़ी गोला में दशकों पुराना रास्ता बाधित करने का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पकड़ी गोला में वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। गांव के वर्तमान प्रधान राणा सिंह का कहना है कि यह रास्ता पिछले 40 से 45 वर्षों से ग्रामीणों के आवागमन के लिए उपयोग में रहा है। इसी रास्ते पर पूर्व में गांव के प्रधान रहे रामनयन सिंह द्वारा खड़ंजा भी बनवाया गया था, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलती रही।
प्रधान राणा सिंह का आरोप है कि गांव के ही इंद्रासन यादव और लाल बहादुर यादव ने जबरदस्ती इस सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध कर दिया है। उन्होंने बताया कि जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे भी, लेकिन मौके का निरीक्षण कर वापस चले गए। आरोप है कि प्रशासन के लौटने के बाद दोनों आरोपितों ने रास्ते पर अवैध निर्माण करा दिया, जिससे रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद हो जाने से कई परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार लोगों और दैनिक आवागमन में लोगों को वैकल्पिक व लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय और धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि आपात स्थिति में भी गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं।
इस मामले में पीड़ित ग्रामीण रमाकांत यादव, मैनुद्दीन, नागू, केशव, गुड्डू, मुन्ना, पिंटू और भोला सहित अन्य कई परिवारों ने बताया कि वे लगातार प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिल सका है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की, इसके बावजूद अवैध निर्माण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को अवैध कब्जे से मुक्त कराए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गांव में रास्ते को लेकर बढ़ते विवाद से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाएगा और दशकों पुराने रास्ते को पुनः चालू कराकर आम जनता को राहत प्रदान करेगा।



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