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    सहजनवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अर्ली ग्रोथ फाल्टरिंग पर संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित

    सहजनवा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहजनवा के सभागार में आज 0 से 6 माह के बच्चों में होने वाली अर्ली ग्रोथ फाल्टरिंग (प्रारंभिक वृद्धि अवरोध) की पहचान और रोकथाम को लेकर आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं एएनएम बहनों का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिशुओं के पोषण स्तर में सुधार लाना और समय रहते स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित करना रहा।



    कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि 0 से 6 माह की आयु शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 6 महीने की अवधि में आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त रूप से 7 बार घर-घर भ्रमण करेंगी। इस दौरान वे बच्चों के वजन, लंबाई और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की ग्रोथ फाल्टरिंग को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सके।



    प्रशिक्षण सत्र में मुख्य रूप से तीन अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। पहला विषय था 6 महीने तक केवल स्तनपान, जिसमें माताओं को यह संदेश देने पर जोर दिया गया कि शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है और इससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। दूसरा विषय खतरे के लक्षण और उसका संदर्भन रहा, जिसके अंतर्गत शिशुओं में दिखने वाले गंभीर लक्षणों की पहचान कर समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर भेजने की प्रक्रिया समझाई गई। तीसरा महत्वपूर्ण विषय ग्रोथ चार्ट मॉनिटरिंग और उसका प्लॉटिंग रहा, जिससे बच्चों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से रिकॉर्ड कर सही आकलन किया जा सके।


    इस अवसर पर कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा, सहायक शोध अधिकारी दिवाकर (एम्स), एपीसी मनीष द्विवेदी, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से क्षमा त्रिपाठी, प्रोग्रेसिव फाउंडेशन से अनिल मिश्रा एवं राम मनोहर त्रिपाठी सहित कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में आशा, आंगनवाड़ी और एएनएम की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।


    कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे वे शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाने के लिए अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेंगी। यह प्रशिक्षण क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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