गोरखपुर में महिला डॉक्टर से अभद्रता, दो आरोपी गिरफ्तार; मेघालय के मुख्यमंत्री ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक महिला डॉक्टर के साथ कथित रूप से हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार की घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना AIIMS Gorakhpur से जुड़ी बताई जा रही है, जहां कार्यरत एक महिला डॉक्टर का तीन युवकों ने कथित रूप से करीब डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता नागालैंड की निवासी हैं और एम्स गोरखपुर में कार्यरत हैं। घटना के दौरान आरोपियों ने न केवल अभद्र टिप्पणियां कीं, बल्कि एक आरोपी ने कथित रूप से शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और डॉक्टर के करीब आने की कोशिश की। पीड़िता द्वारा शोर मचाने पर आसपास के लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों—सूरज गुप्ता और अमृत विश्वकर्मा—को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने न केवल महिला सुरक्षा बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले नागरिकों के साथ होने वाले कथित नस्लीय व्यवहार को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने सोशल मीडिया मंच X पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि नागालैंड निवासी डॉक्टर के साथ नस्लीय और यौन दुर्व्यवहार बेहद शर्मनाक है। किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना एक सभ्य राष्ट्र के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और चिकित्सा समुदाय से जुड़े लोगों ने घटना की निंदा करते हुए महिला डॉक्टर के साथ एकजुटता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित और उदाहरणात्मक कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की अभद्रता या नस्लीय टिप्पणी न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि सामाजिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और समाज में एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि ऐसी हरकतें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

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